Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा 6 के लिए 31 जुलाई तक करें आवेदन
    • एम.सी. सदस्यों की भूमिका एवं जिम्मेदारी’ विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
    • चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान’ के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
    • शिवानी की अध्यक्षता में आयोजित हुई जिला परिषद की बैठक
    • वृक्षारोपण पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम – शरद कुमार लगवाल
    • सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास की आधारभूत संरचना – संजय अवस्थी
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Friday, July 24
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»शिमला»किसानों ने अपनी मांगों को लेकर रामपुर में एसडीएम कार्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।
    शिमला

    किसानों ने अपनी मांगों को लेकर रामपुर में एसडीएम कार्यालय परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।

    By Himachal VartaDecember 27, 2024
    Facebook WhatsApp
    शिमला ( हिमाचल वार्ता न्यूज)लुहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट से प्रभावित पंचायतों के किसानों ने अपनी मांगों को लेकर हिमाचल किसान सभा के बैनर तल गुरुवार को रामपुर में एसडीएम कार्यालय रामपुर के परिसर में जमकर नारेबाजी कर विरोध-प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में रामपुर और ननखड़ी ब्लॉक की पंचायतों के प्रभावित किसान शामिल हुए। इस प्रदर्शन को किसान सभा अध्यक्ष कृष्णा राणा, प्रेम चौहान व जिला शिमला महासचिव देवकीनंद ने कहा कि इन पंचायतों के किसान पिछले काफी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे तथा कई बार प्रशासन, सतलुज जल विद्युत व सरकार के समक्ष अपनी मांगों को उठाया गया है।
    उन्होंने कहा कि इन मांगों को लेकर बीते महीनों में एक लिखित समझौता भी हुआ था। इस समझौते के अनुसार प्रशासन ने प्रोजेक्ट के निर्माण से उठ रही धूल से जो फसल व ब्लास्टिंग से मकान में आई दरारों के नुकसान का मूल्यांकन करने पर सहमति बनी थी, लेकिन अभी तक प्रशासन व सतलुज जल विद्युत व प्रदेश सरकार द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 2021-22 में नीरथ पंचायत में प्रोजेक्ट निर्माण की धूल से प्रभावित कुछ लोगों को पैसा मिला है, लेकिन देलठ पंचायत में सर्वे तो हुआ, परंतु पैसा नहीं मिला है।
    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा 6 के लिए 31 जुलाई तक करें आवेदन
    • एम.सी. सदस्यों की भूमिका एवं जिम्मेदारी’ विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
    • चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान’ के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
    • शिवानी की अध्यक्षता में आयोजित हुई जिला परिषद की बैठक
    • वृक्षारोपण पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम – शरद कुमार लगवाल
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.