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    Home»हिमाचल प्रदेश»बिलासपुर»खेलों से व्यक्ति शारीरिक, मानसिक तथा समाजाकि तौर बनता है सशक्त: राजेश धर्माणी
    बिलासपुर

    खेलों से व्यक्ति शारीरिक, मानसिक तथा समाजाकि तौर बनता है सशक्त: राजेश धर्माणी

    By Himachal VartaOctober 7, 2025
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    बिलासपुर ( हिमाचल वार्ता न्यूज़ ):-    नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक और औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि खेल व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास का सबसे सशक्त माध्यम हैं। खेलों से न केवल शरीर स्वस्थ रहता है, बल्कि टीम भावना, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास जैसे गुणों का भी विकास होता है। उन्होंने कहा कि जीत और हार जीवन के दो महत्वपूर्ण अनुभव हैं, जो व्यक्ति को आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
    राजेश धर्माणी आज राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला हटवाड़ में आयोजित तीन दिवसीय अंडर-14 जिला स्तरीय छात्र खेलकूद प्रतियोगिता के शुभारंभ अवसर पर बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। इस प्रतियोगिता में जिला के पांच जोन तथा 39 डायरेक्ट पार्टिसिपेशन स्कूलों के कुल 468 छात्र भाग ले रहे हैं, जो कबड्डी, वॉलीबॉल, खो-खो, बैडमिंटन, हॉकी और फुटबॉल जैसे खेलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।
    उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करने का कोई शॉर्टकट नहीं है बल्कि निरंतर कड़ी मेहनत, लग्न तथा सही समय पर सही दिशा में किए गए प्रयासों से ही सफलता हासिल होती है। उन्होंने कहा कि आज के समय में स्मार्ट वर्क और हार्ड वर्क का संयोजन ही असली सफलता की कुंजी है। उन्होंने विद्यार्थियों से जीवन में स्पष्ट लक्ष्य तय करते हुए निरंतर प्रत्यनशील रहने को प्रेरित किया।
    उन्होंने कहा कि शिक्षा और खेल सामाजिक विकास के दो मजबूत स्तंभ हैं। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक बच्चा पढ़ाई और खेल दोनों में उत्कृष्टता प्राप्त करे। उन्होंने विद्यार्थियों से पूरे आत्मविश्वास और जोश के साथ आगे बढनें तथा प्रदेश व देश का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया।
    राजेश धर्माणी ने कहा कि हिमाचल सरकार खेलों के समग्र विकास को ठोस कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में सरकार ने स्पोट्र्स नीति में व्यापक सुधार करते हुए खेल कोटे के अंतर्गत सरकारी नौकरियों में और अधिक खेलों को शामिल किया जा रहा है। पहले जहां आरक्षण केवल 43 खेलों तक सीमित था, अब इसमें विस्तार की प्रक्रिया जारी है। उत्कृष्ट खिलाड़ियों के लिए तीन प्रतिशत आरक्षण जारी रखते हुए विभिन्न विभागों में सीधे नियुक्ति की सुविधा दी गई है।
    उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के लिए प्रदेश सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाया है। ओलंपिक, एशियाई, राष्ट्रमंडल और राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को प्राथमिकता के आधार पर नौकरी देने की नीति लागू की है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में 25 हजार से अधिक भरे जाने वाले सरकारी पदों में खेल कोटे के तहत खिलाड़ियों को भी नौकरी प्राप्त करने का लाभ मिलेगा।
    तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने खिलाड़ियों की डाइट मनी में ऐतिहासिक वृद्धि की है। पहले अंडर-14 खिलाड़ियों को 120 रुपये प्रतिदिन डाइट मनी मिलती थी जिसे बढ़ाकर 250 रुपये कर दिया गया है। राज्य स्तरीय खेलों के लिए 400 रूपये तथा प्रदेश के बाहर आयोजित होने वाली खेलों के लिए डाइट मनी को बढ़ाकर 500 रूपये प्रतिदिन किया है। उन्होंने कहा कि अब खिलाड़ियों के भोजन में पनीर और केला जैसे पौष्टिक पदार्थ शामिल किए गए हैं। यात्रा भत्ता और प्रशिक्षण सुविधाओं में भी वृद्धि की गई है, ताकि खिलाड़ियों को बेहतर संसाधन उपलब्ध हो सकें।
    उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान कर रही है। सरकार बजट का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा शिक्षा पर व्यय किया जा रहा है ताकि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, डिजिटल लैब और खेल अधोसंरचना विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
    राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में राजीव गांधी डे बोर्डिंग स्कूल स्थापित किए जा रहे हैं। घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के हटवाड़ में भी एक अत्याधुनिक डे बोर्डिंग स्कूल का निर्माण किया जा रहा है, जिसके लिए लगभग 5 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। उन्होंने कहा कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है, ताकि यहां स्मार्ट क्लासरूम, ऑनलाइन लर्निंग सिस्टम, पुस्तकालय, संगीत, कला, एनसीसी, स्काउट एंड गाइड और एनएसएस जैसी सुविधाओं से युक्त संस्थान स्थापित किया जा सके।
    उन्होंने शिक्षकों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षक समाज निर्माण की सबसे मजबूत कड़ी हैं। एक सच्चा शिक्षक विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचान कर सही दिशा देता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल किताबी ज्ञान ही नहीं देता है बल्कि जीवन के मूल्य और संस्कार भी सिखाता है जो बच्चे को जिम्मेदार नागरिक बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
    इससे पहले स्थानीय स्कूल के प्रधानाचार्य ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया तथा खेल प्रभारी एडीपीओ बग्गा राम ने खेल प्रतियोगिता के आयोजन संबंधी विस्तृत जानकारी प्रदान की।
    इस अवसर पर बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया।
    इस अवसर पर विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और ग्रामीणों की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली।
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