Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • 19 व 20 जुलाई को विद्युत आपूर्ति बाधित
    • सिरमौर में होगा मेगा जिला स्तरीय ‘‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत’’ कार्यक्रम का आयोजन, 24 जुलाई तक करना होगा पंजीकरण।
    • सिरमौर में मुख्यमंत्री सहारा योजना के 270 लाभार्थियों को अप्रैल से जून तिमाही की सहायता राशि जारी
    • राज्यपाल ने जेयूआईटी के 7वें दीक्षांत समारोह में मेधावियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए
    • 21 व 22 जुलाई को सिरमौर जिला के लिए रेड अलर्ट जारी
    • स्वास्थ्य संस्थानों को अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक से सुसज्जित करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता – डॉ. शांडिल
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Sunday, July 19
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»मंडी»गीत-संगीत और नाटक के जरिए दी आपदा से सुरक्षित निर्माण की सीख
    मंडी

    गीत-संगीत और नाटक के जरिए दी आपदा से सुरक्षित निर्माण की सीख

    By Himachal VartaOctober 27, 2025
    Facebook WhatsApp
    मंडी ( हिमाचल वार्ता न्यूज़ ):-    जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण मंडी व सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के माध्यम से सरकाघाट विधानसभा क्षेत्र में समर्थ–2025 के तहत व्यापक प्रचार अभियान आयोजित किया गया। इस अभियान के तहत गीत-संगीत और लघु नाटक के माध्यम से जनजागरूकता प्रस्तुतियां दी जा रही हैं, जिनमें सुरक्षित निर्माण प्रथाओं, सामुदायिक लचीलापन और सामान्य आपदा संबंधित जागरूकता पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।
    सोमवार को इस अभियान के तहत उपमण्डल सरकाघाट के पुराने बस अड्डा और राजकीय महाविद्यालय सरकाघाट में हिमाचल संगीत कला केन्द्र मंच तथा राजकीय महाविद्यालय बल्द्वाड़ा में राधिका म्यूजिकल ग्रुप खुडला के कलाकारों ने जनजागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया। कलाकारों ने गीत-संगीत, संवाद और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से लोगों को भूकंप सुरक्षित भवन निर्माण और आपदा जोखिम न्यूनीकरण के प्रति सजग किया।
    कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने बताया कि आपदाएँ कभी भी, किसी भी समय आ सकती हैं, इसलिए उनका मुकाबला केवल पूर्व तैयारी, तकनीकी जानकारी और सामुदायिक सहयोग से ही संभव है। उन्होंने ग्रामीणों को भूकंपरोधी निर्माण तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी—मजबूत नींव, क्षैतिज भूकंपरोधी बैंड, उच्च गुणवत्ता वाली निर्माण सामग्री का प्रयोग, ईंट की दीवारों का सुदृढ़ीकरण, पिलर और बीम का संतुलित निर्माण, तथा भवन में किसी भी परिवर्तन से पहले अभियंता की सलाह लेना आवश्यक बताया।
    कलाकारों ने यह भी रेखांकित किया कि सुरक्षित भवन निर्माण केवल तकनीकी प्रक्रिया नहीं, बल्कि जीवन सुरक्षा का आधार है। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने और सामूहिक सतर्कता से भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
    लोगों ने कलाकारों की प्रभावशाली प्रस्तुतियों को खूब सराहा और बड़ी संख्या में उपस्थित होकर कार्यक्रम में भाग लिया।
    इसी क्रम में मंगलवार को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला नवाही और बल्द्वाड़ा, ढलवान बाज़ार, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला भद्रवाड़ और चंदैश में भी ऐसे ही जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से सुरक्षित भवन निर्माण और आपदा जोखिम न्यूनीकरण पर संदेश दिया जाएगा।
    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • 19 व 20 जुलाई को विद्युत आपूर्ति बाधित
    • सिरमौर में होगा मेगा जिला स्तरीय ‘‘नशा मुक्त युवा-विकसित भारत’’ कार्यक्रम का आयोजन, 24 जुलाई तक करना होगा पंजीकरण।
    • सिरमौर में मुख्यमंत्री सहारा योजना के 270 लाभार्थियों को अप्रैल से जून तिमाही की सहायता राशि जारी
    • राज्यपाल ने जेयूआईटी के 7वें दीक्षांत समारोह में मेधावियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए
    • 21 व 22 जुलाई को सिरमौर जिला के लिए रेड अलर्ट जारी
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.