नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज) (एसपी जैरथ):– जानलेवा औऱ जोखिम पुर्ण बन चुका देहरादून- चंडीगढ़ नेशनल हाइवे के कालाअम्ब के खस्ताहाल हिस्से पर अभी पेच वर्क भी लगने की उम्मीद नहीं है। मिली जानकारी के अनुसार पेच वर्क के लिए मात्र 59 लाख रुपये के बजट की दरकार है।
नेशनल हाइवे नाहन डिविजन के अनुसार पेच वर्क का अभी केन्द्र बजट की स्वीकृति नहीं मिली है। डीपीअआर लंबित है। उधर नेशनल हाइवे के रखरखाव को लेकर कांग्रेस- भाजपा के स्थानीय नेताओं की बीच घमासान हो रहा है।
उधर आरोप है कि कालाअम्ब से 6 किलोमीटर नाहन टौऔकी तरफ हाइवे की मेंटनस करने वाले ठेकेदार भी अभी नही पहुंचे ऐसे में हाइवे डिवीजन को नोटिस जारी करने पड़े। अधिकारियों के अनुसार हाईवे पर धौलाकुआं के तरफ पेच वर्क शुरू हुआ है ।
नेशनल हाइवे के इसी हिस्से पर 6 किलोमीटर तक नाहन की तरफ टारिंग के लिए सवा तीन करोड़ की डीपीआर केंद्र के पास अटकी हुई है। केंद्र द्वारा बजट व स्वीकृति देने के मामले हो रही को देख कर लगता है कि अभी इस हाइवे से रोजाना निकलने वाले सैकड़ों वाहन चालकों को आने वाले कई महीने खड्डों में धक्के खाने पड़ेंगे।
बीजेपी के नेता कांग्रेस सरकार पर यह कह कर निशाना साध रहे हैं कि स्टेट गुजरने वाले डबल लेन हाइवे के रखरखाव व टारिंग के बजट केंद्र सीधे राज्य को देता है जबकि कांग्रेस के नेताओं का आरोप है कि यहसब मिथ्या है नेशनल हाइवे का सारा बजट केंद्र के अधीन ही रहता है। औऱ प्रत्येक योजना की डीपीआर स्वीकृति मिलने के बाद बजटआता है ।
नेशनल हाइवे डिवीजन के अधिशाषी अभियंता सतीश खंडूजा ने बताया कि नेशनल हाइवे के कालाअम्ब क्षेत्र के खराब हिस्से पर पेच वर्क करने के लिए 59 लाख रुपये के बजट की डीपीआर केंद्रीय भूतल मंत्रालय के पास लंबित है। स्वीकृति मिलने के बाद ही टेंडर होगा। हाईवे पर 6 किलोमीटर नाहन की तरफ टारिंग की डीपीआर भी भेजी गई है। उन्होंने ने बताया कि सेनवाला के किया गया है।
खंडूजा ने साफ किया कि हाइवे के लिए सभी तरह का बजट केंद्र के भूतल परिवहन मंत्रालय से डीपीआई स्वीकृत होने बाद ही जारी किया जाता है । राज्य सरकार की इसको लेकर कोई भूमिका नहीं रहती है।
