Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • जूडो मार्शल आर्ट खेल नहीं अपितु एक अनुशासन – अनिरुद्ध सिंह
    • घुमारवीं में रेशम पालन लाभार्थियों के लिए फंडिंग एवं नेटवर्किंग मीट आयोजित
    • पंचायत चुनाव परिणाम से सहमे सुक्खू, खुद के लिए खोज रहे सुरक्षित सीट : जयराम ठाकुर
    • विकास कार्यों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन प्रदेश सरकार की प्राथमिकता – डॉ. शांडिल
    • जयराम ठाकुर ने पांवटा में जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को किया सम्मानित
    • एसडीवीएच पांवटा साहिब में विश्व रेबीज दिवस 2026 का आयोजन
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Monday, September 28
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»बिलासपुर»भड़ोली कलां में पांच दिवसीय मेसन प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन, भूकंप-रोधी निर्माण पर विशेष फोकस
    बिलासपुर

    भड़ोली कलां में पांच दिवसीय मेसन प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन, भूकंप-रोधी निर्माण पर विशेष फोकस

    By Himachal VartaDecember 20, 2025
    Facebook WhatsApp
    बिलासपुर   ( हिमाचल वार्ता न्यूज़ ):-    अतिरिक्त उपायुक्त ओमकांत ठाकुर ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अंतर्गत ग्राम पंचायत भड़ोली कलां में आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का निरीक्षण किया। यह कार्यशाला मिस्त्री, कारपेंटर (बढ़ई) तथा वायर वाइंडर से संबंधित कारीगरों के लिए आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य मजबूत, सुरक्षित एवं आपदा-रोधी आवास निर्माण को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम 17 दिसम्बर से 22 दिसम्बर 2025 तक भड़ोली कलां पंचायत में आयोजित किया गया।
    निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त उपायुक्त ने प्रशिक्षण मॉड्यूल, व्यावहारिक अभ्यास तथा निर्माण से जुड़ी तकनीकी प्रक्रियाओं की समीक्षा की और प्रतिभागियों से संवाद कर भूकंप-रोधी निर्माण तकनीकों की उनकी समझ का आकलन किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र है, ऐसे में वैज्ञानिक, तकनीकी एवं सुरक्षा-आधारित निर्माण पद्धतियों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने रेखांकित किया कि प्रशिक्षित कारीगर प्राकृतिक आपदाओं के समय जान-माल की क्षति को न्यूनतम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
    इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में धणी, सलवाड़, जेजवीं, कलोल, भड़ोली कलां तथा पपलोआ पंचायतों से आमंत्रित प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को सुरक्षित भवन निर्माण, सामग्री के सही चयन एवं उपयोग, संरचनात्मक मजबूती तथा आपदा-रोधी मानकों की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई।
    इस अवसर पर झंडूत्ता के एसडीएम, बीडीओ झंडूत्ता तथा ब्लॉक झंडूत्ता के प्रशिक्षक जूनियर इंजीनियर भी उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रतिभागियों को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया। अधिकारियों ने बताया कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के माध्यम से इस प्रकार के क्षमता-विकास कार्यक्रम ग्रामीण स्तर पर सुरक्षित आवास निर्माण को बढ़ावा देने के साथ-साथ समुदाय की आपदा-तैयारी को भी सुदृढ़ कर रहे हैं।
    जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में निरंतर प्रशिक्षण, जन-जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से आपदा प्रबंधन तंत्र को और मजबूत किया जाएगा, ताकि जिले में सुरक्षित, लचीला और सतत विकास सुनिश्चित किया जा सके।
    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • जूडो मार्शल आर्ट खेल नहीं अपितु एक अनुशासन – अनिरुद्ध सिंह
    • घुमारवीं में रेशम पालन लाभार्थियों के लिए फंडिंग एवं नेटवर्किंग मीट आयोजित
    • पंचायत चुनाव परिणाम से सहमे सुक्खू, खुद के लिए खोज रहे सुरक्षित सीट : जयराम ठाकुर
    • विकास कार्यों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निष्पादन प्रदेश सरकार की प्राथमिकता – डॉ. शांडिल
    • जयराम ठाकुर ने पांवटा में जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को किया सम्मानित
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.