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    Home»हिमाचल प्रदेश»बिलासपुर»भड़ोली कलां में पांच दिवसीय मेसन प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन, भूकंप-रोधी निर्माण पर विशेष फोकस
    बिलासपुर

    भड़ोली कलां में पांच दिवसीय मेसन प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन, भूकंप-रोधी निर्माण पर विशेष फोकस

    By Himachal VartaDecember 20, 2025
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    बिलासपुर   ( हिमाचल वार्ता न्यूज़ ):-    अतिरिक्त उपायुक्त ओमकांत ठाकुर ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अंतर्गत ग्राम पंचायत भड़ोली कलां में आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का निरीक्षण किया। यह कार्यशाला मिस्त्री, कारपेंटर (बढ़ई) तथा वायर वाइंडर से संबंधित कारीगरों के लिए आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य मजबूत, सुरक्षित एवं आपदा-रोधी आवास निर्माण को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम 17 दिसम्बर से 22 दिसम्बर 2025 तक भड़ोली कलां पंचायत में आयोजित किया गया।
    निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त उपायुक्त ने प्रशिक्षण मॉड्यूल, व्यावहारिक अभ्यास तथा निर्माण से जुड़ी तकनीकी प्रक्रियाओं की समीक्षा की और प्रतिभागियों से संवाद कर भूकंप-रोधी निर्माण तकनीकों की उनकी समझ का आकलन किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील क्षेत्र है, ऐसे में वैज्ञानिक, तकनीकी एवं सुरक्षा-आधारित निर्माण पद्धतियों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने रेखांकित किया कि प्रशिक्षित कारीगर प्राकृतिक आपदाओं के समय जान-माल की क्षति को न्यूनतम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
    इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में धणी, सलवाड़, जेजवीं, कलोल, भड़ोली कलां तथा पपलोआ पंचायतों से आमंत्रित प्रतिभागियों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को सुरक्षित भवन निर्माण, सामग्री के सही चयन एवं उपयोग, संरचनात्मक मजबूती तथा आपदा-रोधी मानकों की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई।
    इस अवसर पर झंडूत्ता के एसडीएम, बीडीओ झंडूत्ता तथा ब्लॉक झंडूत्ता के प्रशिक्षक जूनियर इंजीनियर भी उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रतिभागियों को तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया। अधिकारियों ने बताया कि जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के माध्यम से इस प्रकार के क्षमता-विकास कार्यक्रम ग्रामीण स्तर पर सुरक्षित आवास निर्माण को बढ़ावा देने के साथ-साथ समुदाय की आपदा-तैयारी को भी सुदृढ़ कर रहे हैं।
    जिला प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में निरंतर प्रशिक्षण, जन-जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से आपदा प्रबंधन तंत्र को और मजबूत किया जाएगा, ताकि जिले में सुरक्षित, लचीला और सतत विकास सुनिश्चित किया जा सके।
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