नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज)( एस पी जैरथ) :-हिमाचल प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री शगुन योजना के तहत सिरमौर जिले में 193 लाभार्थियों को मिलने वाली 59 लाख 83 हजार रुपये की राशि विभिन्न ट्रेजरी कार्यालयों में अटकी हुई है। लंबे समय से भुगतान न होने के चलते बीपीएल परिवार बेटियों की शादी के लिए कर्ज लेने को मजबूर हैं।मुख्यमंत्री शगुन योजना के तहत प्रदेश सरकार बीपीएल परिवार की बेटियों के विवाह के लिए 31 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान करती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक जिले में केवल 53 लाभार्थियों को ही योजना का लाभ मिल पाया है। इन लाभार्थियों को कुल 16 लाख 43 हजार रुपये की राशि जारी की गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जिला सिरमौर को मुख्यमंत्री शगुन योजना के तहत एक करोड़ 16 लाख 25 हजार रुपये का बजट आवंटित किया गया था। बावजूद इसके 193 पात्र लाभार्थियों की 59.83 लाख रुपये की राशि ट्रेजरी स्तर पर रोकी गई है। इससे जरूरतमंद परिवारों में नाराजगी और निराशा बढ़ रही है। गरीब परिवारों को सरकार से समय पर सहयोग मिलने की उम्मीद रहती है, लेकिन राशि जारी न होने से कई परिवार मजबूरी में निजी कर्ज लेकर विवाह कार्यक्रम पूरे कर रहे हैं। इधर मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिला सिरमौर के लिए 8 लाख 55 हजार रुपये का बजट आवंटित किया गया था। इस योजना के अंतर्गत 16 लाभार्थियों को 8 लाख 16 हजार रुपये की राशि जारी कर दी गई है। योजना के तहत विधवा महिला की बेटी के विवाह के लिए 51 हजार रुपये की सहायता दी जाती है। वहीं बेटी है अनमोल योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिला सिरमौर को 5 लाख 46 हजार रुपये का बजट आवंटित किया गया। पहले कंपोनेंट में दो बेटियों और दूसरे कंपोनेंट में 10 बेटियो
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Thursday, June 4