नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज):- सिरमौर जिला भाजपा प्रवक्ता मेलाराम शर्मा ने हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा आरडीजी मुद्दे पर बवाल खड़ा करने के मामले को केवल सियासी ड्रामा बताया है और प्रदेश की जनता को गुमराह करने का षड्यंत्र करार दिया है। जिला प्रवक्ता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लिए वित्त आयोग द्वारा आरडीजी यानि रैवन्यू डेफिसिट ग्रांट बन्द करना कोई आसमान से अचानक गिरी बिजली की तरह नहीं है जिस पर सुक्खू सरकार इतना हायतौबा मचा रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के लिए आरडीजी शुरू करने के समय ही वित्त आयोग की रिपोर्ट में यह स्पष्ट उल्लेख है कि 31 मार्च 2026 के बाद प्रदेश को रिवेन्यू डिफिसिट ग्रांट मिलनी बंद हो जाएगी और इसके निर्धारित समय पर बंद होने के बाद प्रदेश का आर्थिक प्रबंधन कैसे किया जाना है, इसके बारे में कांग्रेस सरकार को सत्ता में आने के समय से ही सोचना चाहिए था परंतु सरकार ने लगातार फिजूल खर्ची पर जोर दिया और प्रदेश की आर्थिकी का सत्यानाश कर दिया। मेलाराम शर्मा ने बताया कि इस सरकार ने प्रदेश के विकास की बजाय अपने मित्रमंडली की ताजपोशी, सलाहकारों और निगम वोर्डों के अध्यक्षों की फौज खड़ी करके सरकारी खजाने पर अनावश्यक बोझ लादकर प्रदेश को आर्थिक दिवालियापन के कगार पर पहुंचा दिया । उन्होंने कहा कि अगर यह सरकार सत्ता में आते ही फिजूलखर्ची की बजाय आर्थिक अनुशासन अपनाती और आमदन के नए संसाधन जुटाती तो आज प्रदेश आर्थिक संकट की बजाय विकास की राह पर होता । उन्होंने कहा कि इस सरकार ने प्रदेश को एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के भारी भरकम कर्जे में डाल दिया है। उन्होंने बताया कि जितना ऋण भाजपा सरकार ने 5 वर्षों कार्यकाल में लिया था, उससे भी अधिक ऋण इस सरकार ने मात्र 3 वर्षों में ही लिया है
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Thursday, June 4
