नाहन( हिमाचल वार्ता न्यूज) (एसपी जैरथ):- हिमाचल प्रदेश की सूक्खू सरकार को देश के सर्वोच्च न्यायालय ने पंचायती राज चुनाव टालने के कुप्रयासों को करारा झटका दिया है सिरमौर जिला भाजपा प्रवक्ता मेला राम शर्मा ने कहा की हिमाचल प्रदेश की निकम्मी सरकार स्थानीय निकायों के चुनाव करवाने से भाग रही थी और प्रदेश के विकास को ठप्प करने का प्रयास कर रही थी परंतु सर्वोच्च न्यायालय ने इनके कुप्रयासों को नकार कर स्पष्ट आदेश जारी किए हैं कि 31 मई, 2026 से पहले हिमाचल प्रदेश में हर हाल में पंचायती राज और स्थानीय निकायों के चुनाव करवा दिए जाएं । भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पूरी तरह आर्थिक दिवालिया हो चुका है और रिवेन्यू डिफिसिट ग्रांट बंद होने के कारण अब सुक्खू सरकार पूरी तरह से धराशाई होने के कगार पर पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि देश के अनेक राज्यों में रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट बंद हो चुकी है परंतु उन राज्यों के अपने राजस्व उत्पादन के कारण वहां आर्थिक स्थिति सामान्य चल रही है परंतु हिमाचल के अपने आर्थिक संसाधन ना होने के कारण राज्य का विकास ठप्प हो चुका है
मेला राम शर्मा ने कहा कि गत 3 वर्षों के कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान प्रदेश को समुचित मात्रा में रिवेन्यू डिफिसिट ग्राट और अनेक प्रकार की आर्थिक सहायता मिल रही थी परंतु उसके बावजूद भी गत 3 वर्षों के दौरान इस सरकार ने विकास के नाम पर कुछ भी नहीं किया और केंद्र से मिलने वाली आर्थिक सहायता का जमकर दुरुपयोग किया और अपनी मित्र मंडली की ताजपोशी और फिजूल खर्ची पर करती रही । भाजपा प्रवक्ता ने कहा क प्रदेश की जनता समूचे राज्य में विकास के लिए तरस रही है और इस सरकार ने विकास के नाम पर प्रदेश को कई दशक पीछे धकेल दिया है।
