Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • पर्यावरण-अनुकूल विकास: संकटों के बीच समृद्ध हिमाचल का नया ब्लूप्रिंट
    • प्रदेश सरकार सड़कों का नेटवर्क बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत- विक्रमादित्य सिंह
    • आमजन को बेहतर परिवहन सुविधाएं प्रदान करना व हरित परिवहन को बढ़ावा देना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता- मुकेश अग्निहोत्री
    • उपायुक्त ने जनगणना-2027 के लिए सिरमौरवासियों से भागीदारी की अपील की
    • 05 जून को क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में बैठेगा जिला मेडिकल दिव्यांगता बोर्ड
    • आपदा प्रबंधन के लिए विभागीय तालमेल अत्यंत आवश्यक : डीसी जतिन लाल
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Wednesday, June 3
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर»779 पदोन्नत प्रधानाचार्य प्रतीक्षा में तो सेवा-विस्तार क्यों— सुरेंद्र पुंडीर
    सिरमौर

    779 पदोन्नत प्रधानाचार्य प्रतीक्षा में तो सेवा-विस्तार क्यों— सुरेंद्र पुंडीर

    By Himachal VartaFebruary 21, 2026
    Facebook WhatsApp
    नाहन  ( हिमाचल वार्ता न्यूज) (एसपी जैरथ):– प्रदेश विद्यालय प्रवक्ता संघ ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगाते हुए कहा है कि जब प्रदेशभर में 779 पदोन्नत प्रधानाचार्य नियुक्ति की प्रतीक्षा में बैठे हैं, तब सेवा विस्तार देने का औचित्य क्या है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र पुंडीर ने कहा कि यह व्यवस्था पदोन्नति प्रक्रिया के साथ सीधा अन्याय है। जिला सिरमौर के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कलोह में प्रधानाचार्य को सेवा विस्तार दिए जाने का मामला सामने आने के बाद संघ ने कड़ी आपत्ति दर्ज की है।संघ का कहना है कि राज्य व राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त प्रधानाचार्यों को ही सेवा विस्तार देने का प्रावधान है, जबकि अपुष्ट जानकारी के अनुसार संबंधित प्रधानाचार्य को ऐसा कोई पुरस्कार प्राप्त नहीं हुआ है। संघ ने आरोप लगाया कि प्रभाव के आधार पर सेवा विस्तार अवधि को आगे बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। विद्यालय में प्रशासनिक माहौल सामान्य नहीं बताया जा रहा तथा कुछ मामलों में विभागीय जांच भी लंबित है। ऐसे हालात में लोकहित का हवाला देकर सेवा विस्तार देना उचित नहीं ठहराया जा सकता। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि इस प्रकार के निर्णय कनिष्ठ प्रवक्ताओं एवं मुख्याध्यापकों की पदोन्नति पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं और विभागीय ढांचे को कमजोर करते हैं। इस अवसर पर राज्य विशिष्ट सदस्य नरेंद्र नेगी, जिला अध्यक्ष डॉ. आई.डी. राही, राज्य संरक्षक रमेश नेगी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजय शर्मा, महिला विंग सिरमौर अध्यक्ष संध्या चौहान, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा, महासचिव दिनेश शर्मा तथा कोषाध्यक्ष लाल सिंह ठाकुर सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी सेवा विस्तार नीति पर पुनर्विचार की मांग की।
    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • पर्यावरण-अनुकूल विकास: संकटों के बीच समृद्ध हिमाचल का नया ब्लूप्रिंट
    • प्रदेश सरकार सड़कों का नेटवर्क बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत- विक्रमादित्य सिंह
    • आमजन को बेहतर परिवहन सुविधाएं प्रदान करना व हरित परिवहन को बढ़ावा देना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता- मुकेश अग्निहोत्री
    • उपायुक्त ने जनगणना-2027 के लिए सिरमौरवासियों से भागीदारी की अपील की
    • 05 जून को क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में बैठेगा जिला मेडिकल दिव्यांगता बोर्ड
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.