Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • स्थानीय निकाय और पंचायतीराज चुनाव जनमत संग्रह साबित हुए, जनता ने कांग्रेस सरकार को पूरी तरह नकारा : डॉ. राजीव बिंदल
    • ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण से सिरमौर की युवतियां हो रही आत्मनिर्भर
    • आदेश जारी
    • पर्यावरण-अनुकूल विकास: संकटों के बीच समृद्ध हिमाचल का नया ब्लूप्रिंट
    • प्रदेश सरकार सड़कों का नेटवर्क बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत- विक्रमादित्य सिंह
    • आमजन को बेहतर परिवहन सुविधाएं प्रदान करना व हरित परिवहन को बढ़ावा देना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता- मुकेश अग्निहोत्री
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Thursday, June 4
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर»औषधीय एवं सुगंधित पौधों से जैव विविधता संरक्षण पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
    सिरमौर

    औषधीय एवं सुगंधित पौधों से जैव विविधता संरक्षण पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

    By Himachal VartaMarch 16, 2026
    Facebook WhatsApp
    बड़ू साहिब ( हिमाचल वार्ता न्यूज):– इटरनल यूनिवर्सिटी, बड़ू  साहिब में ग्रीन इनोवेशन क्लब द्वारा इंस्टीट्यूशन्स इनोवेशन काउंसिल के सहयोग से “औषधीय एवं सुगंधित पौधों द्वारा जैव विविधता संरक्षण” विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ ग्रीन इनोवेशन क्लब के संयोजक डॉ. अमित सौरभ के स्वागत उद्बोधन से हुआ। उन्होंने अपने संबोधन में जैव विविधता संरक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए औषधीय पौधों के प्रति जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया।
    इस अवसर पर अकाल कॉलेज ऑफ बेसिक साइंसेज के वनस्पति विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. राकेश जोशी ने मुख्य वक्ता के रूप में विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने जैव विविधता की अवधारणा, उसके महत्व तथा संरक्षण के विभिन्न उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उन्होंने औषधीय एवं सुगंधित पौधों की जैव विविधता संरक्षण में भूमिका और सतत आजीविका को बढ़ावा देने में उनके योगदान के बारे में भी बताया। व्याख्यान के बाद प्रतिभागियों ने विश्वविद्यालय के हर्बल गार्डन का भ्रमण किया। इस दौरान जैव प्रौद्योगिकी विभाग के शोधार्थी श्री राजेंद्र ने विभिन्न औषधीय पौधों और उनके उपयोगों के बारे में जानकारी देते हुए उनका प्रदर्शन किया। इस भ्रमण से विद्यार्थियों को औषधीय पौधों की जैव विविधता को प्रत्यक्ष रूप से देखने और उनके महत्व को समझने का अवसर मिला। कार्यक्रम में कुल 95 विद्यार्थियों ने संकाय सदस्यों के साथ सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में जैव विविधता संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा औषधीय पौधों के सतत उपयोग को प्रोत्साहित करना था।
    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • स्थानीय निकाय और पंचायतीराज चुनाव जनमत संग्रह साबित हुए, जनता ने कांग्रेस सरकार को पूरी तरह नकारा : डॉ. राजीव बिंदल
    • ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण से सिरमौर की युवतियां हो रही आत्मनिर्भर
    • आदेश जारी
    • पर्यावरण-अनुकूल विकास: संकटों के बीच समृद्ध हिमाचल का नया ब्लूप्रिंट
    • प्रदेश सरकार सड़कों का नेटवर्क बेहतर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत- विक्रमादित्य सिंह
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.