Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • 05 जून को क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में बैठेगा जिला मेडिकल दिव्यांगता बोर्ड
    • आपदा प्रबंधन के लिए विभागीय तालमेल अत्यंत आवश्यक : डीसी जतिन लाल
    • 06 जून को दिलाई जाएगी नव निर्वाचित नाहन पार्षदों को शपथ, एसडीएम ने जारी किया नोटिस
    • ज़िला प्रशासन युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखने के लिए प्रतिबद्ध – मनमोहन शर्मा
    • शारीरिक शिक्षक (जॉब ट्रेनी) के 14 रिक्त पदों की बैचवार भर्ती के लिए काउंसलिंग 03 से 09 जून तक
    • स्व गणना विकल्प का सभी ज़िलावासी करें उपयोग – मनमोहन शर्मा
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Tuesday, June 2
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर»मानगढ़–चनाहलग रूट पर खराब बस को जबरन चलाने का आरोप
    सिरमौर

    मानगढ़–चनाहलग रूट पर खराब बस को जबरन चलाने का आरोप

    By Himachal VartaMarch 30, 2026
    Facebook WhatsApp
    राजगढ़  ( हिमाचल वार्ता न्यूज)(एसपी  जैरथ):- राजगढ़ उपमंडल के मानगढ़–चनाहलग–नाहन रूट पर चल रही एकमात्र बस सेवा को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि तकनीकी रूप से खराब बस को भी यात्रियों से भरकर सड़क पर दौड़ाया जा रहा है, जिससे लोगों की जान जोखिम में पड़ गई है। मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश बढ़ गया है और परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
    जानकारी के अनुसार मानगढ़–चनाहलग से नाहन जाने वाली बस के पट्टे (स्प्रिंग) टूटे होने के बावजूद उसे चलाया गया। आरोप है कि इस स्थिति में भी बस को लिंक रोड पर ले जाने के निर्देश दिए गए, जबकि चालक और परिचालक ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बस को केवल मुख्य मार्ग से धीरे-धीरे मुख्यालय तक ले जाने की बात कही थी। उनका तर्क था कि ऐसा करने से यात्रियों को कम से कम राजगढ़ जाने वाली दूसरी बस मिल जाती और वे सुरक्षित तरीके से आगे का सफर पूरा कर पाते।लेकिन स्थानीय लोगों के मुताबिक, कर्मचारियों की बात को नजरअंदाज कर दिया गया और बस को जोखिम भरे हालात में आगे बढ़ाने का दबाव बनाया गया। हालात इतने खराब हो गए कि शिरला के पास यात्रियों को बीच रास्ते में ही उतरना पड़ा। इससे महिलाओं, बुजुर्गों और अन्य यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि यह रूट पहले ही परिवहन सुविधाओं की कमी से जूझ रहा है।
    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • 05 जून को क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर में बैठेगा जिला मेडिकल दिव्यांगता बोर्ड
    • आपदा प्रबंधन के लिए विभागीय तालमेल अत्यंत आवश्यक : डीसी जतिन लाल
    • 06 जून को दिलाई जाएगी नव निर्वाचित नाहन पार्षदों को शपथ, एसडीएम ने जारी किया नोटिस
    • ज़िला प्रशासन युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखने के लिए प्रतिबद्ध – मनमोहन शर्मा
    • शारीरिक शिक्षक (जॉब ट्रेनी) के 14 रिक्त पदों की बैचवार भर्ती के लिए काउंसलिंग 03 से 09 जून तक
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.