नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज) (एसपी जैरथ):-(हिमाचल प्रदेश में गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी के बावजूद खरीद प्रक्रिया सुस्त बनी हुई है। 8 अप्रैल से शुरू हुई खरीद के बाद सोमवार तक प्रदेश की मंडियों में मात्र 53.25 मीट्रिक टन गेहूं ही पहुंच पाई है।प्रदेश में इस बार गेहूं की अच्छी पैदावार हुई है, लेकिन लगातार बिगड़े मौसम और बारिश के चलते किसान अपनी उपज को खरीद केंद्रों तक नहीं ला पा रहे हैं। किसान मौसम साफ होने का इंतजार कर रहे हैं, जिससे आने वाले दिनों में मंडियों में आवक बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।
राज्य सरकार द्वारा इस बार गेहूं के समर्थन मूल्य में 160 रुपये की बढ़ोतरी की गई है और खरीद के लिए प्रदेश के नालागढ़, बद्दी, धौला कुआं, पांवटा साहिब, कांगड़ा के रियाली, फतेहपुर, एपीएमसी रामपुर, इंदौरा और नगरोटा सहित 10 अनाज मंडियों में खरीद केंद्र स्थापित किए गए हैं।अब तक 582 किसानों ने ऑनलाइन पंजीकरण करवाया है, जिनमें से 484 आवेदनों का सत्यापन किया जा चुका है। वहीं 268 किसानों को मंडियों में गेहूं बेचने के लिए टोकन भी जारी किए गए हैं।खरीद के शुरुआती आंकड़ों के अनुसार अब तक केवल नौ किसानों ने ही अपनी उपज बेची है। इनमें छह किसानों ने 24.40 मीट्रिक टन तथा कांगड़ा के रियाली क्षेत्र में तीन किसानों ने 28.85 मीट्रिक टन गेहूं मंडियों में पहुंचाई है।
