नाहन( हिमाचल वार्ता न्यूज) (एसपी जैरथ):-:जिला सिरमौर के अंतर्गत आने वाला सतौन पुल जो स्थानीय लोगों के लिए एक महत्त्वपूर्ण संपर्क मार्ग है इस समय दयनीय स्थिति में है। यह पुल वर्षों से क्षेत्रीय यातायात के लिए एक महत्त्वपूर्ण कड़ी रहा है। यह पुल पांवटा से गिरिपार क्षेत्र को जोड़ता है, परंतु आज इसकी स्थिति ऐसी है कि यह कभी भी ढह सकता है। स्थानीय प्रशासन और सरकार की अनदेखी के कारण यह पुल गंभीर खतरे में है लोगों की मांग है कि इसकी तुरंत मरम्मत किया जाए। सतौन पुल का निर्माण लगभग 50 वर्ष पहले किया गया था।
उस समय इस क्षेत्र में पुल की आवश्यकता थी , ताकि आसपास के गांव और कस्बों को मुख्य शहर से जोड़ा जा सके। पुल का निर्माण उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री से किया गया था और यह उस समय की इंजीनियरिंग का एक अद्भुत नमूना था। पुल ने अपने समय में कई बाढ़ और प्राकृतिक आपदाओं को झेला है, लेकिन अब उसकी उम्र और अत्याधिक उपयोग ने उसकी स्थिति को बहुत ही खराब कर दिया है। आज सतौन पुल की हालत बहुत ही दयनीय है। पुल पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जो किसी भी वाहन के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं। पुल के किनारे की रेलिंग टूट चुकी है, जिससे पैदल यात्रियों के लिए यह और भी खतरनाक हो गया है।
पुल के नीचे के स्तंभों में दरारें आ चुकी हैं , जो इस बात का संकेत है कि पुल कभी भी गिर सकता है। पुल की सत्तह भी कई जगह से टूट चुकी है, जिससे वाहन चालक को असुविधा होती है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। सतौन पुल की खराब स्थिति ने स्थानीय लोगों के लिए समस्याओं का अंबार लगा दिया है। लोगों को अपने दैनिक कार्यों के लिए मुख्य शहर जाना पड़ता है, लेकिन पुल की खराब स्थिति के कारण उन्हें लंबे रास्ते से जाना पड़ता है, जिससे उनका समय और पैसा दोनों बर्बाद होते हैं।