नाहन( हिमाचल वार्ता न्यूज) (एसपी जैरथ):– हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में यमुना नदी से बरामद हुई दो नाबालिग लड़कियों के शवों के मामलों की जांच के लिए पुलिस अधीक्षक निश्चिंत सिंह नेगी ने विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन की घोषणा की है। जानकारी के अनुसार दोनों घटनाएं पांवटा साहिब उपमंडल क्षेत्र से संबंधित हैं। पुलिस का कहना है कि मामलों की जांच सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए की जाएगी ।
पुलिस अधीक्षक निश्चिंत सिंह नेगी ने नाहन में मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि एसआईटी का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक स्तर के अधिकारी द्वारा किया जाएगा। टीम में पांवटा साहिब थाना प्रभारी और साइबर प्रकोष्ठ के अधिकारी भी शामिल किए गए हैं। उन्होंने बताया कि एसआईटी प्रतिदिन अपनी जांच प्रगति की रिपोर्ट सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय को सौंपेगी। पुलिस के अनुसार बुधवार को 10 वर्षीय बच्ची अपने घर से लापता हो गई थी। लगभग चार घंटे बाद उसका शव यमुना नदी से बरामद किया गया। जांच के दौरान पुलिस को एक सीसीटीवी फुटेज भी मिली है, जिसमें बच्ची को घर से निकलकर नदी की ओर जाते हुए देखा गया है। पुलिस के मुताबिक एक प्रत्यक्षदर्शी ने भी बयान दर्ज करवाया है, जिसमें उसने बच्ची की आवाज सुनने की बात कही है। हालांकि, उसके अनुसार जब तक वह नदी किनारे पहुंचा, तब तक बच्ची पानी में डूब चुकी थी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 10 वर्षीय बच्ची के पोस्टमार्टम के दौरान शरीर पर किसी भी प्रकार की बाहरी या आंतरिक चोट के निशान नहीं पाए गए हैं। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में यौन उत्पीड़न से संबंधित कोई संकेत भी सामने नहीं आए हैं।
