नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज)(एसपी जैरथ):-जिला सिरमौर के दुर्गम क्षेत्रों में पंचायती राज चुनाव के दूसरे चरण के मतदान को सफल बनाने के लिए चुनाव कर्मियों का संघर्ष इस बार चर्चा का विषय बन गया है। पहाड़ों की कठिन चढ़ाई, तपती धूप और कंधों पर भारी चुनावी सामग्री उठाए कर्मचारी लोकतंत्र के महापर्व को सफल बनाने के लिए जोखिम भरे रास्तों पर पैदल चलते नजर आए।कई तस्वीरों में कर्मचारी सिर पर ईवीएम और चुनाव सामग्री, कंधों पर बैग और हाथों में जरूरी सामान लेकर ऊंचे पहाड़ी रास्तों से गुजरते दिखाई दिए। कई किलोमीटर पैदल सफर के दौरान कर्मचारियों को भीषण गर्मी, थकावट और दुर्गम रास्तों का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद ड्यूटी पर तैनात कर्मियों के कदम नहीं रुके। इसी बीच चुनावी व्यवस्थाओं को लेकर भी कई सवाल उठने लगे हैं। बताया जा रहा है कि कई पोलिंग पार्टियों को ठहरने के लिए उचित व्यवस्था नहीं मिल पाई। खाने-पीने और बुनियादी सुविधाओं को लेकर भी कर्मचारियों के बीच नाराजगी की चर्चाएं सुनने को मिलीं।चुनावी भत्ते को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि पहाड़ों की कठिन परिस्थितियों और जान जोखिम में डालकर निभाई जा रही ड्यूटी के मुकाबले मिलने वाला भत्ता बेहद कम है। वहीं वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग मतदाताओं के लिए व्यवस्थाओं को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। सवाल उठ रहे हैं कि क्या चुनाव आयोग की व्यवस्थाएं वास्तव में जमीनी स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंच पा रही हैं या फिर कई दावे सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह जाते हैं।हालांकि चुनावी ड्यूटी में तैनात कर्मचारी बिना किसी शोर-शराबे के अपने कर्तव्य का निर्वहन करते नजर आए। लेकिन पहाड़ों से सामने आई ये तस्वीरें एक बड़ा सवाल जरूर छोड़ रही हैं
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Wednesday, June 3
