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    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर»मिट्टी, पानी और हवा बचाने को सिरमौर में चला “खेत बचाओ अभियान”
    सिरमौर

    मिट्टी, पानी और हवा बचाने को सिरमौर में चला “खेत बचाओ अभियान”

    By Himachal VartaJune 8, 2026
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    नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज) (एसपी जैरथ):-खेती में रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के बढ़ते एवं अंधाधुंध प्रयोग ने अब कृषि वैज्ञानिकों की चिंता बढ़ा दी है। मिट्टी की घटती उर्वरता, प्रदूषित होता भूमिगत जल और पर्यावरण पर पड़ रहे दुष्प्रभावों को देखते हुए जिला सिरमौर में एक माह का “खेत बचाओ अभियान” चलाया जा रहा है। कृषि विभाग, आत्मा परियोजना और कृषि विज्ञान केंद्र के संयुक्त प्रयास से चल रहे इस अभियान के माध्यम से किसानों को वैज्ञानिक एवं प्राकृतिक खेती की ओर लौटने का संदेश दिया जा रहा है।पर्वतीय कृषि अनुसंधान केंद्र एवं कृषि विज्ञान केंद्र सिरमौर के प्रभारी एवं प्रधान वैज्ञानिक डॉ. पंकज मित्तल ने कहा कि कृषि रसायनों और उर्वरकों का अनियंत्रित प्रयोग केवल खेतों को ही नहीं बल्कि मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण को भी प्रभावित कर रहा है। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते इस प्रवृत्ति पर नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाली पीढ़ियों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
    उन्होंने कहा कि खेत बचाओ अभियान का उद्देश्य केवल किसानों को जागरूक करना नहीं बल्कि पूरे समाज को इस विषय के प्रति संवेदनशील बनाना है। अभियान के तहत किसानों, कृषि आदान विक्रेताओं, स्वयं सहायता समूहों और उपभोक्ताओं को भी जोड़ा जा रहा है ताकि सुरक्षित कृषि और सुरक्षित भोजन की अवधारणा को मजबूत किया जा सके।कृषि उपनिदेशक डॉ. साहब सिंह ने बताया कि शिविरों में किसानों को मिट्टी परीक्षण के आधार पर उर्वरकों के प्रयोग की सलाह दी जा रही है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ मिट्टी ही बेहतर उत्पादन और टिकाऊ कृषि की आधारशिला है।आत्मा परियोजना के निदेशक डॉ. नवदीप कौंडल ने कहा कि फल एवं सब्जी उत्पादन में रसायनों के अवैज्ञानिक उपयोग से मिट्टी, जल और पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है।
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