सोलन ( हिमाचल वार्ता न्यूज) स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, सोलन द्वारा अंतर्राष्ट्रीय बधिर जागरूकता सप्ताह के तहत आज दुर्गा पब्लिक स्कूल, सोलन में जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं उपस्थित श्रोताओं को बधिरता एवं श्रवण संबंधी समस्याओं के कारणों, बचाव, समय पर पहचान एवं उपचार के साथ-साथ बधिर व्यक्तियों के अधिकारों के प्रति जागरूक करना था।
इस अवसर पर ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. सुप्रिया अटवाल ने उपस्थित विद्यार्थियों एवं श्रोताओं को अंतर्राष्ट्रीय बधिर जागरूकता सप्ताह के महत्व के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सुनने की क्षमता में कमी किसी भी आयु वर्ग के व्यक्ति को प्रभावित कर सकती है। बच्चों में जन्मजात कारणों के अलावा कान में संक्रमण, तेज आवाज के लगातार संपर्क, कान में चोट, कुछ दवाओं के दुष्प्रभाव तथा अन्य स्वास्थ्य संबंधी कारणों से भी श्रवण क्षमता प्रभावित हो सकती है।
उन्होंने कहा कि बच्चों में सुनने की क्षमता की समय पर जांच और श्रवण संबंधी समस्या की शीघ्र पहचान अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि बच्चे में सुनने में कमी की समस्या का समय रहते पता चल जाए तो उचित चिकित्सकीय सलाह, उपचार, श्रवण यंत्र एवं आवश्यक पुनर्वास सेवाओं के माध्यम से उसके विकास एवं शिक्षा में होने वाली कठिनाइयों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
उन्होंने कान में अनावश्यक वस्तुएं न डालने, कान के संक्रमण का समय पर उपचार करवाने तथा अत्यधिक तेज आवाज से बचने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि लगातार तेज आवाज में संगीत सुनना तथा ईयरफोन या हेडफोन का अत्यधिक एवं अनुचित उपयोग भी सुनने की क्षमता को नुकसान पहुंचा सकता है। इसलिए ध्वनि के स्तर एवं उसके संपर्क की अवधि पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।
डॉ.अटवाल ने बधिर एवं श्रवण बाधित व्यक्तियों के अधिकारों के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील की कि बधिर व्यक्तियों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न किया जाए तथा उनके साथ सम्मान, संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहार किया जाए। आवश्यकता पड़ने पर उनसे संवाद करने के लिए सांकेतिक भाषा, लिखित माध्यम अथवा अन्य उपयुक्त संचार माध्यमों का प्रयोग किया जाना चाहिए।
दुर्गा पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस जागरूकता शिविर की सराहना करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के लिए इस प्रकार के स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक हैं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग से आग्रह किया कि भविष्य में भी विद्यालय में इस प्रकार की स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों एवं कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए।
विभाग ने आमजन से अपील की कि यदि किसी बच्चे अथवा वयस्क में सुनने की क्षमता में कमी के लक्षण दिखाई दें तो उसे नजरअंदाज न करें और समय पर विशेषज्ञ चिकित्सक से जांच एवं आवश्यक परामर्श प्राप्त करें।
इस अवसर पर स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से स्वास्थ्य शिक्षिका पदमवती नेगी एवं बीसीसी कोऑर्डिनेटर राधा चौहान उपस्थित रहीं। वहीं दुर्गा पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य, अध्यापकगण एवं अन्य स्टाफ सदस्य भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
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Thursday, September 3
