नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज) (एसपी जैरथ):-सिरमौर की धरती पर अब एक बार फिर जंगल के राजा की दहाड़ सुनाई देगी। करीब 10 से 12 वर्षों से जिस पल का इंतजार श्री रेणुका जी चिड़ियाघर और वन्यजीव प्रेमियों को था, वह इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है। महाराष्ट्र के नागपुर स्थित गोरेवाड़ा वन्यजीव बचाव केंद्र से रॉयल बंगाल टाइगर का एक जोड़ा श्री रेणुका जी चिड़ियाघर पहुंच गया है। जोड़े में पांच वर्षीय नर बाघ और करीब ढाई से तीन वर्ष की मादा बाघिन शामिल है। इस बड़ी उपलब्धि के पीछे हिमाचल प्रदेश वन्यजीव विभाग की लंबी कागजी और प्रशासनिक कवायद रही है। वन्यजीव विभाग की अरण्यपाल प्रीति भंडारी, वन्यजीव डीएफओ डॉ. शाहनवाज और उनकी टीम के लगातार प्रयासों के बाद यह संभव हो पाया है। केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण के निर्धारित मानकों और औपचारिकताओं को पूरा करने के साथ बाघों के लिए अत्याधुनिक बाड़े का निर्माण भी किया गया। नागपुर से रेणुका जी तक 41 घंटे का सफर, टीम ने नहीं छोड़ी पलभर की निगरानी रॉयल बंगाल टाइगर के इस जोड़े को नागपुर के गोरेवाड़ा से सड़क मार्ग के जरिए श्री रेणुका जी लाया गया। करीब 41 घंटे के इस लंबे सफर के दौरान वन्यजीव विभाग की टीम ने बाघों की सेहत और सुविधा का पूरा ध्यान रखा। डीएफओ डॉ. शाहनवाज स्वयं टीम के साथ नागपुर गए और वहां से बाघों को लेकर लौटे। बाघों की सुरक्षित यात्रा के लिए वन्यजीव विभाग के पशु चिकित्सक डॉ. कार्तिक, पशु हैंडलर और फील्ड स्टाफ सहित करीब आठ सदस्यीय टीम साथ रही। टीम ने पूरे रास्ते बाघों को एस्कॉर्ट किया।
Breakng
- 12 साल बाद श्री रेणुका जी में गूंजेगी ‘जंगल के राजा’ की दहाड़, नागपुर से पहुंचा रॉयल बंगाल टाइगर का जोड़ा
- साइंस कांग्रेस में मंडियाघाट स्कूल की तीन शानदार उपलब्धियां
- अरिहंत इंटरनेशनल विद्यालय नाहन के सितारों ने विज्ञान की उड़ान में रचा इतिहास
- मुख्यमंत्री ने अर्की में 34.46 करोड़ रुपये की सात विकासात्मक परियोजनाओं के उद्घाटन एवं शिलान्यास किए
- भाजपा सांसद बोले केंद्र के प्रयासों से सिरे चढ़ी किशाऊ बाँध परियोजना, झूठा श्रेय ले रहे मुख्यमंत्री
- अन्तराष्ट्रीय श्री रेणुकाजी मेला-2026 के सफल आयोजन को लेकर बैठक आयोजित
Sunday, September 20
