नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज) (एसपी जैरथ):-ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हाब्बन में किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) तथा स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों के लिए तीन दिवसीय उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। भारत सरकार के राइजिंग एंड एक्सीलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस कार्यक्रम के तहत 2 से 4 नवंबर तक आयोजित इस प्रशिक्षण का संचालन उद्योग विभाग ने किया, जबकि क्रियान्वयन की जिम्मेदारी एनआईटीकॉन लिमिटेड ने निभाई।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को कृषि आधारित व्यवसाय शुरू करने, स्थानीय संसाधनों का व्यावसायिक उपयोग करने और स्वरोजगार के नए अवसर तलाशने की जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने उन्हें व्यवसाय की योजना तैयार करने, उत्पादों की मार्केटिंग, बाजार की मांग को समझने तथा व्यवसाय प्रबंधन के महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत करवाया। कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि किसान और स्वयं सहायता समूह केवल कृषि उत्पादन तक सीमित न रहें, बल्कि अपने उत्पादों का मूल्य संवर्धन कर उन्हें बाजार तक पहुंचाएं। इससे ग्रामीण स्तर पर छोटे उद्यम विकसित करने और आय के अतिरिक्त स्रोत तैयार करने की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। प्रतिभागियों को उद्यम स्थापित करने के लिए उपलब्ध सरकारी योजनाओं, बैंक ऋण और वित्तीय सहायता से जुड़ी जानकारियां भी प्रदान की गईं। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य एफपीओ और स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को उद्यमिता के प्रति जागरूक कर उन्हें आत्मनिर्भर व्यवसाय स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।
