Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • कालाअंब इंटर-स्टेट बैरियर से टकराया बेकाबू कंटेनर, दो लोग घायल
    • पक्का टैंक परिसर में नाहन परिषद द्वारा डाली गई रेत कब तक जनता को परेशान करेगी
    • पांवटा पुलिस ने 3.61 ग्राम चिट्टा के साथ तस्कर पकड़ा
    • कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य की करें नियमित निगरानी : एसडीएम
    • एशियन गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम की स्वर्णिम सफलता पर बलदेव तोमर ने दी बधाई
    • कोटड़ी व्यास की बेटियां हैंडबॉल में‌ बनी सिरमौर चैंपियन
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Sunday, September 27
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»असम के मीडिया प्रतिनिधिमण्डल ने हिमाचली हथकरघा उद्योग के बारे में जाना
    हिमाचल प्रदेश

    असम के मीडिया प्रतिनिधिमण्डल ने हिमाचली हथकरघा उद्योग के बारे में जाना

    By Himachal VartaSeptember 10, 2019
    Facebook WhatsApp

    शिमला। हिमाचल प्रदेश के एक सप्ताह दौरे पर आए असम के एक मीडिया प्रतिनिधिमण्डल ने आज यहां हिमाचल प्रदेश राज्य हस्तशिल्प और हथकरघा निगम कार्यालय का दौरा किया और प्रदेश के शिल्प कौशल और हथकरघा उद्योग के बारे में जानकारी हासिल की।  निगम के उपाध्यक्ष संजीव कटवाल ने मीडिया प्रतिनिधिमण्डल को सम्मानित करने के उपरांत कहा कि राज्य सरकार ने प्रदेश के कारीगरों के उत्थान के लिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर स्वयं हिमाचल की हस्तकला और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के प्रति गम्भीर हैं। चम्बा रूमाल ने विश्वभर में ख्याति अर्जित की है। उन्होंने कहा कि निगम का बीड़ केंद्र पूरी तरह पर्यावरण के अनुकूल है जहां शॉल, स्टॉल आदि की बुनाई के लिए केवल हर्बल रंगों का उपयोग किया जाता है। इन शॉलों की अन्तरराष्ट्रीय बाजारों में भारी मांग है।  प्रबंध निदेशक गोपाल शर्मा ने निगम की कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में निगम के 121 हस्तशिल्प एवं हथकरघा केंद्र संचालित किए जा रहे हैं जिनमें 36 जनजातीय केंद्र भी शामिल हैं। जिला कुल्लू के पनारसा और जिला कांगड़ा के बीड़ बिलिंग केंद्रों में लोगां को प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। बीड़ केंद्र में लगभग 370 महिलाओं को प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने हस्तशिल्प एवं हथकरघा व्यवसाय से जुड़े लोगों की आर्थिकी में सुधार के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी जानकारी दी। असम के मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने निगम के उपाध्यक्ष को असम दौरे के लिए आमंत्रित किया ताकि वह असम के पारंपरिक हस्तशिल्प एवं हथकरघा की जानकारी प्राप्त कर सकें।    असम सरकार के जन सम्पर्क के संयुक्त निदेशक के. बारगोहेयर और वरिष्ठ सूचना अधिकारी समर कालिता ने उपाध्यक्ष और प्रबन्ध निदेशक को इस अवसर पर सम्मानित भी किया।  

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • कालाअंब इंटर-स्टेट बैरियर से टकराया बेकाबू कंटेनर, दो लोग घायल
    • पक्का टैंक परिसर में नाहन परिषद द्वारा डाली गई रेत कब तक जनता को परेशान करेगी
    • पांवटा पुलिस ने 3.61 ग्राम चिट्टा के साथ तस्कर पकड़ा
    • कुपोषित बच्चों के स्वास्थ्य की करें नियमित निगरानी : एसडीएम
    • एशियन गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम की स्वर्णिम सफलता पर बलदेव तोमर ने दी बधाई
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.