Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शांडिल ने किया विधिवत शुभारम्भ
    • हेल्दी बेबी शो 28 जून को ठोडो मैदान में होगा आयोजित
    • अग्निशमन विभाग का विशेष सत्र: अरिहंत इंटरनेशनल विद्यालय, नाहन में सुरक्षा का संदेश
    • किसान जल्द करवाएं किसान पंजीकरण, मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ – कृषि विभाग
    • मुख्यमंत्री ने जोहड़जी-मल्ला सड़क के लिए 20 करोड़ रुपये की घोषणा
    • अनिरुद्ध सिंह 25 जून को ज़िला सोलन के प्रवास पर
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Friday, June 26
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»राष्ट्रीय शिक्षा नीति आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में ठोस कदमः राज्यपाल
    हिमाचल प्रदेश

    राष्ट्रीय शिक्षा नीति आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में ठोस कदमः राज्यपाल

    By Himachal VartaAugust 28, 2020
    Facebook WhatsApp
    शिमला। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए 5 ‘ई’ इफेक्टिव, ऐफिशिएंट, इंपावर, ईज़ और इक्विटी ग्रहण करने पर विशेष बल दिया है। वह आज पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर आयोजित वेबिनार में मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित कर रहे थे।
    उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक ठोस कदम है। वर्तमान शिक्षा प्रणाली की कमियों को दूर करने के लिए इसमें प्रावधान रखे गए हैं। 21वीं सदी के बदलते भारत की आन्तरिक और वैश्विक चुनौतियों को पूरा करने की तैयारियां इसमंे प्रतिबिंवित की गईं हैं।
    राज्यपाल ने कहा कि 21वीं सदी ज्ञान की सदी है और यह मानवता की व्यापक दृष्टि के साथ मानवीय मूल्यों की स्थापना करने की सदी है। ऐसी स्थिति में उत्कृष्टता, गुणवत्ता और तकनीक इत्यादि को इस शिक्षा नीति में शामिल करना निश्चित रूप से सराहनीय है।
    बन्डारू दतात्रेय ने कहा कि नई शिक्षा नीति रूचि, योग्यता और मांग के बिना प्रतिस्पर्धा करने की प्रवृत्ति से शिक्षा को बाहर लाना आवश्यक था जो इस शिक्षा नीति से सम्भव हो पायेगा। यह हमारे युवाओं को रचनात्मक व प्रतिबद्ध जीवन जीने के लिए प्रेरित करेगी।
    पंजाब विश्वविद्यालय, चडींगढ़ के कुलपति प्रोफेसर राजकुमार ने राज्यपाल का स्वागत किया और कहा कि विश्वविद्यालय के 78 विभाग राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन की योजना पर कार्य कर रहे हैं। निर्धारित समय अवधि के लिए अल्प अवधि और दीर्घ कालीन नीति तैयार करने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस बात पर भी विशेष बल दिया जाए कि सभी कार्य बहु-विषयक तरीके से किए जायें।
    यह वेबिनार राष्ट्रीय शिक्षा नीति के क्रियान्वयन पर केन्द्रित है।
    इस वेबीनार में पंजाब विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागाध्यक्ष और विश्वविद्यालय से सम्बन्धित विभिन्न महाविद्यालयों के मुखिया ने भी भाग लिया। प्रशासनिक, शिक्षा, ईजिंनियरिंग और तकनीकी, कौशल विकास आदि क्षेत्रों में कार्यरत शोधकताओं ने भी इसमें भाग लिया।
    विश्वविद्यालय के डीन प्रोफेसर आर.के सिंगला ने प्रवक्ताओं द्वारा राष्टीय शिक्षा नीति के बारे में किये गए प्रयासों के बारे में अवगत करवाया।
    प्रोफेसर डेजी ने कार्यक्रम का संचालन किया और प्रोफेसर प्रशांत गौतम ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा।
    राज्यपाल के सचिव राकेश कवंर भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शांडिल ने किया विधिवत शुभारम्भ
    • हेल्दी बेबी शो 28 जून को ठोडो मैदान में होगा आयोजित
    • अग्निशमन विभाग का विशेष सत्र: अरिहंत इंटरनेशनल विद्यालय, नाहन में सुरक्षा का संदेश
    • किसान जल्द करवाएं किसान पंजीकरण, मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ – कृषि विभाग
    • मुख्यमंत्री ने जोहड़जी-मल्ला सड़क के लिए 20 करोड़ रुपये की घोषणा
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.