एमसीआई ने ऑनलाइन नाहन मेडिकल कॉलेज की मांगी डेफिशियेंसी रिपोर्ट
नाहन (हिमाचलवार्ता)। अक्सर विवादों में रहने वाले डॉ यशवंत सिंह
परमार मेडिकल कॉलेज से अब अंतिम बैच पास आउट होने जा रहा है। तो वही प्रथम वर्ष का बैच एमबीबीएस के लिए बैठेगा। इन बीते 5 सालों में लगातार मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया बराबर इस मेडिकल कॉलेज के निरीक्षण के लिए आती रही। बावजूद इसके अनेकों खामियां खरीद-फरोख्त पर लगे सवालिया निशानों के बाद भी यह मेडिकल कॉलेज सरकार की अनुकंपा पर चलता रहा।
बड़ी अच्छी बात तो यह है कि मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया ने जो भी निरीक्षण के दौरान कमियां पाई थी उन ऑब्जेक्शन को ओवर रूल भी किया गया। अभी तक इस मेडिकल कॉलेज की ना तो अपनी बिल्डिंग बनकर तैयार हुई है और ना ही एमबीबीएस के प्रशिक्षु चिकित्सक किराए के हॉस्टल व महंगे खाने से बाहर निकल पाए हैं। बावजूद इसके नाहन का मेडिकल कॉलेज धीरे-धीरे प्रगति की ओर चल रहा है।
आज वीरवार को एमसीआई की फिजिकल धमक भले ना हुई हो मगर दिल्ली में बैठी एमसीआई की टीम ने ऑनलाइन नाहन मेडिकल कॉलेज प्रबंधन से संपर्क साधा। बता दें कि पहले जो एमसीआई का इंस्पेक्शन हुआ था उसकी कंप्लायंस रिपोर्ट यहां से भेजी गई थी। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की टीम ने ऑनलाइन कंप्लायंस रिपोर्ट के अनुसार डेफिशियेंसी की जानकारी मांगी।
यानी जो कमियां थी वह पूरी हुई कि नहीं अगर हुई है तो उनकी ऑनलाइन जानकारी ली गई। जिसके बाद ऑनलाइन जानकारी के अनुसार एमसीआई फिजिकल अपीरियंस के साथ अगले राउंड में कभी भी नाहन मेडिकल कॉलेज पहुंच सकती है। मेडिकल कॉलेज टीम इस ऑनलाइन मीटिंग में यह पूछती है कि जो डेफिनसी थी उन्हें कैसे पूरा किया। नाहन मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉक्टर एनके महेंद्रू ने इस डेफिनसी की बाबत ऑनलाइन टीम को जानकारी भी दी।
अब यह क्या कमियां रही होंगी यह तो टिकट रिपोर्ट होती है। मगर जो हालात इस मेडिकल कॉलेज के अब चल रहे हैं जब यह मेडिकल कॉलेज का भवन बनकर तैयार हो जाएगा उसके बाद शहर पर बढ़ते ट्रैफिक और जाम की समस्या को लेकर यह मेडिकल कॉलेज जिला सिरमौर के लोगों की उम्मीदों पर कितना खरा उतर पाएगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। उधर, खबर की पुष्टि मेडिकल कॉलेज नाहन के प्रिंसिपल डॉक्टर एनके महेंद्रू ने की है।
