Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • वेनेजुएला भूकंप और मानव सीमाएं – क्या हम आपदाओं के लिए तैयार हैं?
    • स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शांडिल ने किया विधिवत शुभारम्भ
    • हेल्दी बेबी शो 28 जून को ठोडो मैदान में होगा आयोजित
    • अग्निशमन विभाग का विशेष सत्र: अरिहंत इंटरनेशनल विद्यालय, नाहन में सुरक्षा का संदेश
    • किसान जल्द करवाएं किसान पंजीकरण, मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ – कृषि विभाग
    • मुख्यमंत्री ने जोहड़जी-मल्ला सड़क के लिए 20 करोड़ रुपये की घोषणा
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Sunday, June 28
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»जन सुविधा के लिए राजस्व विभाग के कानूनों का होगा सरलीकरणः महेंद्र सिंह
    हिमाचल प्रदेश

    जन सुविधा के लिए राजस्व विभाग के कानूनों का होगा सरलीकरणः महेंद्र सिंह

    By Himachal VartaOctober 21, 2020
    Facebook WhatsApp

    विभिन्न मामलों पर सुझाव के लिए विधायकों की अध्यक्षता में उप-समितियां गठित

    himachal vartaशिमला (हिमाचलवार्ता)। भू-कानूनों पर प्रदेश सरकार द्वारा गठित एक्सपर्ट कमेटी की बैठक आज यहां जल शक्ति एवं राजस्व मन्त्री महेंद्र सिंह ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक के दौरान राजस्व विभाग से सम्बन्धित कानूनों के सरलीकरण के लिए कार्यसूची की मदों पर विस्तृत चर्चा की गई जिसमें तकसीम, निशानदेही, इन्तकाल, दुरूस्ति इन्द्राज से सम्बन्धित न्यायालय मामलों के शीघ्र निपटारे को लेकर कमेटी के सदस्यों ने अपने सुझाव दिए।
    महेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में लगभग 94902 मामले विभिन्न राजस्व न्यायालयों मे लम्बित पडे़ हैं। इनमें तकसीम के 29313, निशानदेही के 18025, इन्तकाल के 25251, दुरूस्ति इन्द्राज के 2497, अतिक्रमण के 2837 और 16790 अन्य मामले शामिल हैं।
    उन्होंने कहा कि कल्याणकारी राज्य की अवधारणा के अनुरूप, प्रदेश सरकार ने भूमिहीन एवं गृहहीन परिवारों को रिहायषी मकान के निर्माण के लिए ग्रामीण क्षेत्रांे में तीन बिस्वा और शहरी क्षेत्रों में दो बिस्वा भूमि देने का प्रावधान किया है। इसके अतिरिक्त, जनजातीय क्षेत्रों में नौतोड़ नियमों के अंतर्गत, नौतोड़ भूमि आबंटन का प्रावधान है, लेकिन इन क्षेत्रों में भी वन संरक्षण अधिनियम के प्रावधान लागू होने के कारण भूमि का आबंटन नहीं हो पा रहा है। समिति ने इस समस्या पर गहन विचार किया तथा इसके निराकरण के लिए सुझाव दिए।
    सदस्यों का कहना था कि तकसीम, निशानदेही, इन्तकाल, दुरूस्ति इन्द्राज आदि के मामलों में समनों की तामील समय पर नहीं होने का कारण बहुत विलम्ब होता है इसलिए समनों की तामील समयबद्ध और कारगर बनाई जाए। इसके अतिरिक्त, बन्दोबस्त की प्रक्रिया को सरल करने और इसमें आधुनिक उपकरणों की सहायता के इस्तेमाल के सुझाव दिए गए। सदस्यों ने भू-राजस्व के निर्धारण को सरल एवं समयबद्ध बनाने का सुझाव भी दिया।
    सदस्यों ने विभाग के ध्यान में लाया कि प्रदेश में ऐसे बहुत से मामले लम्बित हैं जिनमें सरकारी भूमि को नौतोड़ के रूप में पात्र व्यक्तियों को आबंटित किया गया है, लेकिन इसके पट्टे जारी नहीं हुए हैं या इंतकाल लम्बित है। इस कारण अभी तक मालिकाना हक नहीं मिले हैं तथा उन्हे अनेकों परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने हिमाचल प्रदेश मुजारियत एवं भू-सुधार अधिनियम, 1972 की धारा 45, 104 व 118 पर विचार करने के उपरान्त इन्हें व्यावहारिक बनाने के लिए आवश्यक संशोधन का सुझाव दिया। बैठक में धारा-118 के प्रावधानों को इसके मूल उद्देश्यों की पूर्ति के लिए इसमें मौजूद कमियों को दूर करने पर विचार किया गया साथ ही इसे प्रदेश के विकास एवं रोजगार सृजन के दृष्टिगत सरल एवं पारदर्शी बनाने पर चर्चा की गई।
    बैठक में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के बाद राजस्व मन्त्री ने विधायक राम लाल ठाकुर, जगत सिंह नेगी, राकेश सिंघा, नरेन्द्र ठाकुर, बलवीर सिंह और बिक्रम जरयाल की अध्यक्षता में उप-समितियों का गठन किया। उप-समितियां आज की बैठक में हुई चर्चा और प्राप्त सुझावों के साथ सभी मामलों में अपनी सिफारिशें 30 नवम्बर, 2020 से पहले प्रस्तुत करेंगी, जिन पर समिति की आगामी बैठक में विचार किया जाएगा।
    इस बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव, राजस्व आर.डी धीमान, निदेशक भू-अभिलेख सी.पी वर्मा, शिमला के बन्दोबस्त अधिकारी मनमोहन शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता जी.डी. वर्मा, दीपक कौशल, भूपेन्द्र गुप्ता, शशि पंडित व पवन कपरेट, सेवानिवृत्त अधिकारी उग्रसेन नेगी, इन्द्रसिंह भारद्वाज, राकेश मेहता और सरकारी एवं गैर-सरकारी सदस्य उपस्थित हुए।
    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • वेनेजुएला भूकंप और मानव सीमाएं – क्या हम आपदाओं के लिए तैयार हैं?
    • स्वास्थ्य मंत्री डॉ. शांडिल ने किया विधिवत शुभारम्भ
    • हेल्दी बेबी शो 28 जून को ठोडो मैदान में होगा आयोजित
    • अग्निशमन विभाग का विशेष सत्र: अरिहंत इंटरनेशनल विद्यालय, नाहन में सुरक्षा का संदेश
    • किसान जल्द करवाएं किसान पंजीकरण, मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभ – कृषि विभाग
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.