Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • बेहतर शिक्षा के माध्यम से युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने के लिए प्रदेश सरकार निरंतर प्रयासरत – संजय अवस्थी
    • नाहन से सात बेसहारा गौवंश भेजे कोटला बड़ोग गौशाला गौवंश को बेसहारा छोड़ने वाले पशुपालको पर होगी सख्त कार्रवाई
    • मानसिक बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए 07 से 09 अक्तूबर तक चलाया जाएगा विशेष अभियान
    • जीवन को सफल बनाने के लिए कठिन परिश्रम व दृढ़ संकल्प अत्यंत आवश्यक – हर्षवर्द्धन चौहान
    • युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए समाज को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता – डॉ. शांडिल
    • वन्यजीव सप्ताह के अंतर्गत नेचर पार्क अंबवाला में कार्यक्रम आयोजित
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Sunday, October 4
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»केन्द्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला के लिए वन भूमि परिवर्तित करने के लिए प्रदेश सरकार ने तीव्रता से की कार्यवाहीः महेन्द्र सिंह ठाकुर
    हिमाचल प्रदेश

    केन्द्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला के लिए वन भूमि परिवर्तित करने के लिए प्रदेश सरकार ने तीव्रता से की कार्यवाहीः महेन्द्र सिंह ठाकुर

    By Himachal VartaNovember 20, 2020
    Facebook WhatsApp

    शिमला (हिमाचलवार्ता)।  राजस्व मंत्री महेन्द्र सिंह ठाकुर ने आज यहां बताया कि भारत सरकार ने केन्द्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला के दो परिसर स्थापित करने के लिए स्वीकृति दी है, जिनमें तहसील धर्मशाला में उत्तरी परिसर जदरांगल और देहरा में दक्षिणी परिसर शामिल हैं।

    उन्होंने कहा कि दक्षिणी परिसर देहरा के निर्माण के लिए प्रदेश सरकार ने 34.55 हेक्टेयर सरकारी भूमि 2010 में ही केन्द्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के नाम स्थानांतरित कर दी थी, जिसका इंतकाल भी 2010 में हो गया था।
    उन्होंने बताया कि इसके अलावा 81.79 हेक्टेयर वन भूमि को उपयोगकर्ता एजेंसी (यूजर एजेंसी), निदेशक उच्चतर शिक्षा, हिमाचल प्रदेश के नाम वन संरक्षण अधिनियम के तहत परिवर्तित (डाईवर्जन) करने की मंजूरी 11 दिसम्बर, 2018 को प्राप्त हुई थी, लेकिन इसमें यह शर्त लगाई गई थी कि जिस भूमि को परिवर्तित करने की मंजूरी प्रदान की गई है, वह किसी भी स्थिति में बिना केंद्र सरकार के अनुमोदन से किसी अन्य एजेंसी, विभाग या किसी अन्य व्यक्ति के नाम स्थानांतरित नहीं की जा सकती। ऐसी परिवर्तित वन भूमि की विधिक स्थिति में कोई बदलाव नहीं होगा।
    इस मामले और कुछ अन्य मामलों को राजस्व विभाग के आग्रह पर वन विभाग ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार से आवश्यक स्पष्टीकरण के लिए 22 अप्रैल, 2019 को आग्रह किया था, कि क्या परिवर्तित वन भूमि को उपयोगकर्ता एजेंसी के नाम इंतकाल के माध्यम से स्थानांतरित किया जा सकता है या नहीं। राजस्व विभाग ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार से यह आग्रह भी किया था कि क्या परिवर्तित वन भूमि के कब्जे के लिए क्या कागजात माल (राजस्व अभिलेख) में इंद्राज किया जा सकता है या नहीं।
    इस पर केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने 30 जुलाई, 2019 को पत्र के माध्यम से स्पष्ट किया था कि वन संरक्षण अधिनियम 1980 के तहत जो वन भूमि परिवर्तित की जाती है, उसकी विधिक स्थिति वन भूमि ही रहेगी। ऐसी परिवर्तित भूमि इंतकाल के माध्यम से उपयोगकर्ता एजेंसी या उपयोगकर्ता विभाग के नाम कागजात माल में राजस्व विभाग द्वारा स्थानांतरित नहीं की जा सकती।
    वन एवं पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार के स्पष्टीकरण के अनुसार केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला के साथ-साथ अन्य 30 मामलों में अभी तक भी परिवर्तित वन भूमि का इंतकाल संबंधित उपयोगकर्ता एजेंसी के नाम नहीं दिया जा सका है।
    उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार केंद्रीय विश्वविद्यालय व अन्य सभी विकासात्मक परियोजनाओं को कार्यान्वित करने के लिए वन संरक्षण अधिनियम 1980 के तहत कार्यवाही करते हुए मंजूरी के लिए आवश्यक कदम उठा रही है, किंतु वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के स्पष्टीकरण के दृष्टिगत केंद्रीय विश्वविद्यालय और कई अन्य महत्त्वपूर्ण परियोजनाओं का काम शुरू करने में देरी हो रही है।
    राजस्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार ने वन संरक्षण अधिनियम 1980 के तहत केंद्रीय विश्वविद्यालय के लिए वन भूमि को परिवर्तित करने में त्वरित कार्यवाही की है। इसके लिए आवश्यक अनुमोदन भी 11 दिसम्बर, 2018 को जारी कर दिया था तथा ग्रीन कवर प्लान के अंतर्गत पांच करोड़ 60 लाख रुपये भी नवम्बर, 2018 में कैम्पा हेड में जमा करवा दिए थे। यह राशि पहले जमा की गई राशि 17 करोड़ 27 लाख 53 हजार रुपये के अतिरिक्त थी।
    राजस्व मंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने इस बारे उत्पन्न स्थिति पर पुनः विचार करने के लिए यह मामला वन एवं पर्यावरण मंत्रालय भारत सरकार से उठाया हुआ है। उन्होंने केन्द्रीय वित्त राज्य मंत्री से भारत सरकार के वन एवं पर्यावरण मंत्रलाय से इन तकनीकी कठिनाइयों का निवारण करवाने का आग्रह किया, ताकि केंद्रीय विश्वविद्यालय और लगभग 30 परियोजनाओं का निर्माण कार्य शीघ्र आरंभ कर विकास को गति दी जा सके।
    केन्द्रीय विश्वविद्यालय के अलावा 30 मामलों में अभी तक परिवर्तित वन भूमि का इंतकाल सम्बन्धित यूजर एजेंसी को नहीं दिया जा सका है, जिसमें 16 दिसम्बर, 2015 से जल शक्ति विभाग की उठाऊ जलापूर्ति योजना के निर्माण कार्य के लिए 4.2691 हेक्टेयर वन भूमि की परिवर्तित करने बारे, 11 दिसम्बर, 2017 से जिला शिमला के वन भूमि अधिकार क्षेत्र में राजकीय महाविद्यालय चायल कोटी में और उच्चतर शिक्षा विभाग लालपानी शिमला में शिक्षा विभाग के पक्ष में 01-39-96 हेक्टेयर वन भूमि, 11 दिसम्बर, 2018 से जिला कांगड़ा की केंद्रीय विश्वविद्यालय देहरा के सेटेलाइट कैम्पस स्थापित करने के लिए उच्चतर शिक्षा विभाग के पक्ष में 81-79-16 हेक्टेयर भूमि, 2 सितम्बर, 2006 से जिला लाहौल-स्पीति के उदयपुर में तकनीकी शिक्षा विभाग के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के निर्माण कार्य के लिए 25-05-00 बीघा भूमि, 25 मई 2018 से जिला सोलन के मौजा अडुवाल में उद्योग विभाग के पक्ष में बायो टैक्नोलाॅजी पार्क स्थापित करने के लिए 12.4239 हेक्टेयर भूमि, 14 सितम्बर, 2017 से जिला शिमला के राजकीय महाविद्यालय धामी के लिए शिक्षा विभाग के पक्ष में 01-02-97 हेक्टेयर भूमि, 2 मार्च 2017 से जिला कांगड़ा के नगरोटा बगवां में वर्कशाॅप स्थापित करने के लिए हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन निगम के पक्ष में 0-90-36 हेक्टेयर भूमि परिवर्तित करने के मामले लंबित हैं। 21 फरवरी, 2012 से जिला मंडी के सुकेत वन मंडल के अधिकार क्षेत्र में तहसील सरकाघाट के पपलोग में प्रशिक्षण विद्यालय के निर्माण के लिए हिमाचल प्रदेश परिवहन निगम के पक्ष में 2.68 हेक्टेयर वन भूमि परिवर्तित करने के, 7 नवम्बर, 2019 से जिला सिरमौर के नाहन वन मंडल में अंधेरी (काला अंब) एमवीए उप केंद्र स्थापित करने के लिए हिमाचल पावर ट्रांसमिशन काॅरपोरेशन के पक्ष में 5.494 हेक्टेयर वन भूमि परिवर्तित करने, 5 मई 2017 से जिला कांगड़ा के बाबा बरोह बस स्टैंड निर्मित करने के लिए हिमाचल प्रदेश बस स्टैंड मेनेजमेंट एंड डवेल्पमेंट अथाॅरिटी के पक्ष में 0.4608 हेक्टेयर वन भूमि परिवर्तित करने के मामले लंबित हैं।
    मै0 उसाका हाइड्रो पावर लिमिटेड के पक्ष में 2.5 मेगावाट सुमन सरवरी एचईपी के निर्माण के लिए वन खण्ड व जिला कुल्लू के अन्तर्गत 1.3554 हेक्टेयर वन भूमि को परिवर्तित करने बारे, सतलुज जल विद्युत परियोजना के पक्ष में अनिल, कोटगढ़ व रामपुर वन खण्ड जिला शिमला व कुल्लू के अधिकार क्षेत्र में लूहरी एचईपी स्टेज-एक (219 मेगावाट) के निर्माण के लिए, बिथल शिमला के लिए 98.1004 हेक्टेयर परिवर्तित वन भूमि, वन खण्ड व जिला कुल्लू के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत 3 मेगावाट से 4.9 मेगावाट के लिए मेसर्ज के.के.के. हाइड्रोपावर लिमिटिड के लिए 0.4795 हेक्टेयर परिवर्तित अतिरिक्त वन भूमि, कुल्लू वन खण्ड में 192 मेगावाट के अलियान दुहंगन जल विद्युत परियोजना के निर्माण के लिए 9.55 हेक्टेयर परिवर्तित अतिरिक्त वन भूमि, हिमाचल प्रदेश में मेसर्ज राजस्थान स्पिनिंग एंड विविंग मिल्ज लिमिटेड के लिए अलियान दुहंगन जल विद्युत परियोजना के निर्माण के लिए 37.629 हेक्टेयर परिवर्तित वन भूमि, कुल्लू जिला में बड़ाग्राम लघु जल विद्युत परियोजना के निर्माण के लिए 1.4236 हेक्टेयर परिवर्तित वन भूमि, पावर्ती वन खण्ड जिला कुल्लू के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत पुलगा गांव में 2 मेगावाट की चकसी मिनी जल विद्युत परियोजना के निर्माण के लिए मेसर्ज पूरी आॅयल मिल्स लिमिटेड के लिए 1.69 हेक्टेयर परिवर्तित वन भूमि, वन खण्ड जिला कुल्लू के अधिकार क्षेत्र में 1.5 मेगावाट क्षमता की हरिपुर नाला लघु जल विद्युत परियोजना के निर्माण के लिए 0.9583 हेक्टेयर परिवर्तित वन भूमि, कुल्लू वन खण्ड के अधिकार क्षेत्र में 4.8 मेगावाट की लघु जल विद्युत परियोजना एलियो-2 के निर्माण के लिए मेसर्ज एलियो मनाली हाइड्रोपावर लिमिटेड के लिए 2.2020 हेक्टेयर परिवर्तित वन भूमि, पावर्ती वन खण्ड जिला कुल्लू के अधिकार क्षेत्र में 2ग2.5 मेगावाट की ब्रह्म गंगा जल विद्युत परियोजना मनीकरण के लिए 1.9547 हेक्टेयर परिवर्तित वन भूमि, पावर्ती वन खण्ड शमशी जिला कुल्लू के अधिकार क्षेत्र में 5 मेगावाट बलारघु लघु जल विद्युत परियोजना के निर्माण के लिए मेसर्ज संध्या हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट बलारघु प्राइवेट लिमिटेड को 4.1119 हेक्टेयर परिवर्तित वन भूमि, निचार तहसील जिला किन्नौर के युला खास उरनी गांव, उप-मुहाल कुटानो में पट्टे पर रोरा जल विद्युत परियोजना के निर्माण के लिए 0-03-25 और 0-09-72 हेक्टेयर सरकारी भूमि को पट्टे पर देने के लिए निवेदन, मै0 गुम्मा हाईड्रो प्रोजेक्ट स्टेज-प्प्प् के पक्ष में 1 मैगावाट की स्माॅल लघु जल विद्युत परियोजना स्थापित करने हेतु तहसील चिड़गांव, जिला शिमला में सरकारी वन भूमि कुल रकवा 0-79-66 हेक्टेयर को पट्टे पर प्रदान करने बारे, मै0 लियुंड हाईड्रो पावर प्राईवेट लिमिटेड के पक्ष में 2.00 मैगावाट की लघु जल विद्युत परियोजना स्थापित करने हेतु तहसील धर्मशाला, जिला कांगड़ा में सरकारी वन भूमि कुल रकवा 3-97-11 हेक्टेयर को पट्टे पर प्रदान करने बारे, मै0 पिनाकल हाईड्रो एनर्जी प्राईवेट लिमिटेड के पक्ष में 2.00 मैगावाट की लघु जल विद्युत परियोजना स्थापित करने हेतु तहसील मनाली, जिला कुल्लू में सरकारी वन भूमि कुल रकवा 01-93-67 हेक्टेयर को पट्टे पर प्रदान करने बारे, नेशनल थर्मल पावर कोरपोरेशन लिमिटेड के पक्ष में कोल बांघ जल विद्युत परियोजना की स्थापना हेतु तहसील सुन्नी, जिला शिमला में सरकारी वन भूमि कुल रकवा 18-53-46 हेक्टेयर को पट्टे पर प्रदान करने बारे, मै0 जे0 एस0 डब्ल्यू, एनर्जी लिमिटेड के पक्ष में 240 मैगावाट की कुठेहड़ लघु जल विद्युत परियोजना स्थापित करने हेतु तहसील भरमौर, जिला चम्बा में सरकारी वन भूमि कुल रकवा 679-04-12 बीघा (61-40-83 हेक्टेयर) को पट्टे पर प्रदान करने बारे, मै0 न्यू धौलाधार टैकनो पाॅवर प्राईवेट पालमपुर, जिला कांगड़ा के पक्ष में 1 मेगावाट लघु जलविद्युत परियोजना स्थापित करने हेतु पट्टे पर वन भूमि परिवर्तित करने बारे, जिला किन्नौर के तहसील निचार, गांव युलाखास मंे रौरा जलविद्युत परियोजना के निर्माण के लिए 0-03-25 और 0-09-72 हेक्टेयर सरकारी भूमि पट्टे पर परिवर्तित करने बारे, मै0 एडी हाईड्रो पाॅवर लिमिटिड के पक्ष मंे प्रीणी से पनारसा/बनाला तक 220 के.वी. ट्रांसमिशन लाइन बिछाने के लिए 64.3258 हैक्टेयर वन भूमि परिवर्तित करने बारे और जिला व तहसील कुल्लू के पाठी हलान-1 में 0-95-83 हेक्टेयर वन भूमि को पट्टे पर परिवर्तित करने बारे मामले सम्मिलित हैं।
    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • बेहतर शिक्षा के माध्यम से युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने के लिए प्रदेश सरकार निरंतर प्रयासरत – संजय अवस्थी
    • नाहन से सात बेसहारा गौवंश भेजे कोटला बड़ोग गौशाला गौवंश को बेसहारा छोड़ने वाले पशुपालको पर होगी सख्त कार्रवाई
    • मानसिक बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए 07 से 09 अक्तूबर तक चलाया जाएगा विशेष अभियान
    • जीवन को सफल बनाने के लिए कठिन परिश्रम व दृढ़ संकल्प अत्यंत आवश्यक – हर्षवर्द्धन चौहान
    • युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए समाज को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता – डॉ. शांडिल
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.