चंडीगढ़। चंडीगढ़ प्रशासन के सम्पदा विभाग ने सारंगपुर में पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (पीजीआईएमईआर) को आवंटित की जाने वाली 50 एकड़ भूमि का हस्तांतरण रोक दिया है।
सूत्रों के अनुसार इस भूमि की सम्पदा विभाग ने जो कीमत आंकी थी, वह मार्केट मूल्य से करीब 30 लाख रुपये कम है। पीजीआई ने इस भूमि के लिए सम्पदा विभाग को 18 करोड़ रुपये जमा किए हैं। विभाग पीजीआईएमईआर को आवंटन प्रक्रिया से पहले ही इस अंतर के संबंध में पत्र लिखा है। बताया जाता है कि सारंगपुर में अपने उपग्रह केंद्र के लिए पीजीआई ने कुछ दिन पहले भुगतान किया था। प्रशासन में एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि जब विभाग ने कब्ज़ा देने से पहले भूमि का पुनः मूल्याकन किया तो पाया कि उन्होंने 30 लाख रुपये कम हैं। विभाग के अधिकारी का कहना है कि पहले पीजीआई को पूरा भुगतान करना होगा उसके बाद ही आवंटन प्रक्रिया वित्त विभाग शुरू करेगा। अधिकारी ने कहा कि पीजीआई ने अपने उपग्रह केंद्र के लिए 100 एकड़ जमीन मांगी थी, लेकिन उसे 50 एकड़ अलाट करने का निर्णय लिया गया था, पर उसे एफएआर (फर्श-क्षेत्र अनुपात) को अधिक कवर करने की अनुमति दी गई।
कैंसर केंद्र को करना है स्थानांतरित
बताया जाता है कि सारंगपुर में 400 एकड़ जमीन है। इसमें से लगभग 60 एकड़ चंडीगढ़ पुलिस के पास है और बाकी अन्य उपयोगों के लिए चिन्हित की साईटें हैं। पीजीआई ने ओपीडी, ट्रामा और कैंसर केंद्र को नए परिसर में स्थानांतरित करना है। सारंगपुर में एक नया शिक्षण केंद्र भी बनाया जायेगा। उधर, पीजीआई के प्रबंधकों का कहना है कि वे इस संबंध में प्रशासक से चर्चा करने के बाद ही कोई निर्णय ले पायेंगे।
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Wednesday, June 3