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    Home»हिमाचल प्रदेश»शिक्षकों को विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण के लिए समर्पित होना चाहिए: राज्यपाल
    हिमाचल प्रदेश

    शिक्षकों को विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण के लिए समर्पित होना चाहिए: राज्यपाल

    By Himachal VartaOctober 26, 2019
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    शिमला। लड़कियों को उच्च अध्ययन के लिए प्रतिबंधित करने वाले कृत्रिम सामाजिक अवरोध अब समाप्त हो गए हैं, जिसके कारण लड़कियों ने आज हर क्षेत्र में पुरुषों के प्रभुत्व को समाप्त कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह अत्यन्त संतोषजनक है हर वर्ष लड़कियां बोर्ड परीक्षाओं में भी लड़कों को पीछे छोड़ रही हैं।
    आज राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने आज यहां कान्वेंट जीजस एंड मैरी चेल्सी स्कूल के वार्षिक समारोह में यह विचार व्यक्त किए।
    उन्होंने कहा कि इस स्कूल की समृद्ध विरासत रही है और संस्थान ने उत्कृष्ट नागरिक दिए हैं जो देश और विदेश में महत्वपूर्ण पदों पर काम करते हुए जीवन के हर क्षेत्र में नाम रोशन कर रहे हैं। उन्होंने शैक्षणिक, खेल और सह-पाठयक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी छात्राओं को बधाई दी।
    श्री दत्तात्रेय ने कहा कि विद्यार्थियों को हर क्षेत्र में अपना शत- प्रतिशत योगदान देना चाहिए ताकि वह ईमानदारी, समर्पण और कर्तव्यनिष्ठा से देश को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकें। उन्होंने कहा कि वार्षिक समारोह न केवल विद्यार्थियों के लिए, बल्कि शिक्षकों और अभिभावकों के लिए विशेष अवसर होता है क्योंकि अपने विद्याथियों और बच्चों को आगे बढ़ता देखना उनके लिए बहुत गर्व की बात होती है।
    उन्होंने कहा कि शिक्षा किसी भी व्यक्ति के जीवन में नए द्वार खोलती है, जिससे वह स्वयं, समाज तथा दुनिया के बारे में जानकारी प्राप्त करता है। शिक्षा क्षेत्र में विशेषकर स्कूली शिक्षा के क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों में निवेश कई गुना बढ़ा है। कान्वेंट ऑफ जीजस एंड मैरी जैसी शिक्षण संस्थाएं महिलाओं में समानता तथा उनके उद्धार के लिए मशाल का काम करती हैं।
    राज्यपाल ने कहा कि विशेषज्ञ बताते हैं कि हमें आने वाले दशकों में बार-बार खुद को फिर से जानना-समझना होगा। रोज़गार के नए अवसर नए स्वरूप में उभरेंगे जो आज अस्तित्व में नहीं है जबकि आज रोज़गार के जो माध्यम प्रचलन में है, कल संभवतः नहीं हों। इसलिए यह अनिवार्य है कि हम अपने विद्यार्थियों को भविष्य के लिए तैयार करें। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, जैव-अभियांत्रिकी, सूचना प्रौद्योगिकी और वैश्वीकरण भविष्य की दुनिया को आकार दे रहे हैं और हमें अपनी जनसंख्या लाभांश का दोहन करना चाहिए।
    उन्होंने कहा कि शिक्षा जानकारी के लिए नहीं बल्कि ज्ञान और बुद्धिमता के लिए है और शिक्षा केवल रोज़गार पाने के लिए नहीं बल्कि एक अच्छा इंसान बनने के लिए है। उन्होंने कहा कि विद्यालय स्तर पर ही विद्यार्थियों के चरित्र निर्माण की आवश्यकता है, जिसके लिए शिक्षकों को पूर्ण रूप से समर्पित होकर कार्य करना होगा।
    राज्यपाल ने इस अवसर पर मेधावी छात्राओं को सम्मानित किया।
    जीजस एण्ड मैरी स्कूल की प्रधानाचार्य सिस्टर शायमा जोस ने राज्यपाल का स्वागत किया।
    विद्यार्थियों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की विचारधारा पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया, जिसमें महात्मा गांधी की 150वीं वर्षगांठ के अवसर पर देश की सांस्कृतिक अखण्डता को चित्रित किया गया।
    स्कूल की हेड गर्ल तशीना सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव रखा।

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