नाहन। प्याज की कीमतों में वृद्धि को देखते हुए हिमाचल प्रदेश जमाखोरी एवं मुनाफाखोरी रोकथाम आदेश 1977 के तहत सिरमौर जिला मजिस्ट्रेट ने जिले में प्याज की बिक्री के लिए भंडारण और लाभ की अधिकतम सीमा तय कर दी है।
इस संदर्भ में जारी किये गए आदेश के अनुसार, जिला मजिस्ट्रेट डॉ आर के परुथी ने कहा कि कोई भी खुदरा में 20 किलो से अधिक प्याज नहीं रख सकेगा और लाभ का केवल 24 प्रतिशत मार्जिन लेगा तथा थोक व्यापारियों के लिए यह मार्जिन पांच प्रतिशत होगा। उन्होंने कहा कि दोनों ही मामलों में, लोडिंग, अनलोडिंग और माल ढुलाई सहित सभी तरह के खर्चों में तय लाभ का अधिकतम मार्जिन होगा।
जिला मजिस्ट्रेट ने स्पष्ट किया है कि थोक व्यापारियों को प्याज की बिक्री के लि, खुदरा विक्रेताओं को नकदी रसीद जारी करनी होगी। उन्होंने कहा कि ऊंची कीमत पर प्याज बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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Monday, September 28