नाहन 07 जुलाई (एसपी जैरथ) ( हिमाचलवार्तान्यूज)बीते वर्ष डीजल-पेट्रोल घोटाले को लेकर रडार पर आई नगर परिषद नाहन के दो कर्मचारियों की सेवाएं बर्खास्त कर दी गई हैं। जबकि अन्य 4 कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। शहरी विकास निदेशालय के अनुसार चालक रॉकी को जहां टर्मिनेट किया गया है वही कॉन्ट्रैक्ट पर रखे गए जूनियर इंजीनियर सुनील शर्मा का कॉन्ट्रैक्ट कैंसिल कर नौकरी से बाहर कर दिया गया है।
जिनके खिलाफ डिसीप्लिनरी प्रोसीडिंग्स अमल में लाई जा रही है, उनमें पूर्व कार्यकारी अधिकारी, सहायक अभियंता तथा दो रेगुलर चालक शामिल है। गौरतलब हो कि बीते वर्ष जुलाई माह में भाजपा समर्थित कुछ पार्षदों के द्वारा डीजल घोटाले को लेकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई थी। जिसके बाद सहायक निदेशक शहरी विकास विभाग राखी सिंह को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था। विभागीय जांच के बाद कॉन्ट्रैक्ट पर रखे गए जूनियर इंजीनियर तथा एक चालक की सेवाएं बर्खास्त कर दी गई हैं।
जबकि अन्य चार रेगुलर कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही अमल में लाते हुए चार्जशीट तैयार की गई है। बता दें कि जांच के दायरे में आए इन चारों कर्मचारियों को चार्ज शीट में लगाए गए आरोपों के अनुसार विभाग को अपना जवाब देना होगा। जिसके बाद दिए गए जवाब के अनुसार प्रोसीडिंग तैयार कर सरकार के समक्ष रखी जाएगी। अब यदि सरकार दिए गए जवाब से संतुष्ट होती है तो इनकी सेवाएं बहाल होगी अन्यथा जिसका जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाएगा उसको नौकरी से बर्खास्त किया जा सकता है।
बरहाल, यहां यह भी बताना जरूरी है कि जिन दिनों यह घोटाले की बात की गई है, उस दौरान कोरोना के चलते लॉकडाउन चला हुआ था। नाहन नगर परिषद पर उस दौरान शहर को सैनिटाइजेशन किया जाना तथा कोरोना से मरने वालों के अंतिम संस्कार तक का जिम्मा एमसी पर था। यही नहीं जिन अधिकारियों पर घोटाले के आरोप लगाए गए हैं उन्हीं अधिकारियों के कार्यकाल में नाहन नगर परिषद ने जमकर विकास कार्य और शहर का संधारण किया था।
अब देखना यह होगा चार्ज शीट के बाद दिए जाने वाले जवाब से क्या सरकार संतुष्ट होती है या नहीं। जबकि इनमें से एक अधिकारी सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं। खबर की पुष्टि निर्देशक मनमोहन शर्मा व सहायक निदेशक शहरी विकास विभाग राखी सिंह के द्वारा की गई है।
