नाहन (हिमाचल वार्ता न्यूज) :- जिला सिरमौर में लंपी वायरस रोग की चपेट में आने के बाद अभी तक 91 पशुओं ने दम तोड़ा हैं । जबकि वर्तमान में भी इस वायरस से जिला सिरमौर के 24 से ज्यादा पशु ग्रसित हैं। पशुओं में फेल रहे लँपी वायरस रोग को लेकर आज किसान सभा हिमाचल प्रदेश ने एक ज्ञापन पशुपालन विभाग की उपनिदेशक को सौंपा हैं।
किसान सभा हिमाचल प्रदेश के संयुक्त सचिव राजेंद्र ठाकुर ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि आज जिला सिरमौर के प्रत्येक क्षेत्र के पशुओ में लंपी रोग वायरस फैल चुका है। पशु मालिकों को हजारों नहीं लाखों का नुकसान उठाना पड़ रहा है तो वहीं दूसरी ओऱ प्रदेश सरकार इस ओर ध्यान नही दे रही हैं।
उन्होंने बताया कि पशु मालिकों को समय रहते दवाइयां उपलब्ध नहीं हो रही है वैक्सीनेशन ठंडे बस्ते में हैं । हिमाचल प्रदेश के लिए लंबी रोग वायरस से लड़ने के लिए केवल मात्र 12 लाख रुपए का बजट उपलब्ध करवाया गया है जिसमें से जिला सिरमौर को करीब डेढ़ लाख रुपए का बजट मिला है जो शर्मनाक है ।
पशुपालन विभाग के उपनिदेशक नीरू शबनम ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि कालाअंब व पांवटा में लँपी रोग वायरस के मामले ज्यादा पाए जा रहे हैं। जिला सिरमौर में अभी तक लँपी रोग वायरस से 3961 पशु प्रभावित हुए हैं । जिनमें से 91 पशुओं की मौत हो चुकी हैं । जबकि 1400 पशु इस वायरस से रिकवर हुए हैं । उन्होंने बताया कि अभी वर्तमान मेँ 2461 पशु लँपी रोग वायरस की चपेट में हैं । उन्होंने कहा कि वायरस की चपेट में आए पशु का दूध अच्छे से उबाल कर प्रयोग में लाए । उन्होंने बताया कि वेक्सीन उन्ही क्षेत्रों में पशुओं को लगाई जानी है जहां पर अभी तक यह वायरस नहीं पहुंचा है ।
उन्होंने बताया कि जिन क्षेत्रों में यह वायरस फैल चुका है वहां पर विभाग पशु मालिकों को दवाइयां उपलब्ध करवाने के लिए लगातार कार्य कर रहा है । इसके अतिरिक्त फील्ड स्टाफ को भी इस वायरस से लड़ने के प्रति जहां प्रशिक्षित किया जा रहा है तो वही पशु मालिकों को जागरूक करने को लेकर भी जगह-जगह जागरूकता शिविर आयोजित हो रहे हैं।
