नाहन ( हिमाचलवार्तान्यूज)(लक्ष्य शर्मा):-पांवटा साहिब में 3 वर्ष से अधिक के बच्चों को अल्बेंडाजोल दवा खिलाई गई। यह दवा स्कूली बच्चों के साथ साथ आंगनवाड़ी केंद्रों में भी दी गई, जिसमें आशाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।आशा वर्करों ने कोरोना काल के दौरान भी फ्रंट लाइन में रहकर काम किया और आज भी वह फ्रंट लाइन में रहकर काम कर रही है। स्कूल, आंगनवाड़ी और घरों में जाकर बच्चों को एल्बेंडाजोल दवाई खिलाई गई।इस दौरान उनके साथ मेडिकल कॉलेज से फार्मोकोलॉजी विभाग की टीम भी मौजूद रही, ताकि इस दौरान दवा के किसी भी दुष्प्रभाव पर नज़र बनी रहे।जानकारी देते हुए बीएमओ डॉक्टर केएल भगत ने बताया कि उपमंडल पांवटा साहिब में हजारों बच्चों को एल्बेंडाजोल दवा खिलाई गई। वहीं दवा के दुष्प्रभाव पर नज़र बनाए रखने के लिए मेडिकल कॉलेज से एक टीम भी आई थी। हजारों बच्चों को दवा खिलाई गई और कहीं से भी कोई दुष्प्रभाव की सूचना नहीं मिली।उन्होंने बताया कि एल्बेंडाजोल बच्चों के विकास में सहायक होती है मुख्यता यह पेट में पलने वाले कीड़ों को बाहर निकालती है और बच्चे को पोषक आहार शरीर को मिलने लगता है। सबसे महत्वपूर्ण और सबसे अधिक बच्चे स्कूलों में इस दवा का सेवन कर पाए जिस में आशा वर्करों का महत्वपूर्ण योगदान रहा
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Tuesday, June 9
