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    सिरमौर

    सिरमौर में 3000 मीट्रिक टन आम होने की संभावना

    By Himachal VartaApril 25, 2023
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    नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज)(संजय सिंह):– ऊपरी हिमाचल प्रदेश में अगर सेब एक स्थापित अर्थव्यवस्था का मुख्य जरिया है तो सिरमौर भी फल उत्पादन में पीछे नहीं है। जिला सिरमौर में इस बार आम की बंपर पैदावार होने का अंदेशा जताया गया है। जिला सिरमौर हॉर्टिकल्चर विभाग के अनुसार इस बार जिला में करीब 3000 मीट्रिक टन आम की पैदावार होने की संभावना है।जिला में बड़ी बात तो यह है कि करीब 18,000 हेक्टेयर जमीन पर अलग-अलग तरह के फलदार पौधे लगाए जाते हैं। जिनमें आम, लीची, नींबू, संतरा, माल्टा किन्नू और इसके अलावा स्टोबेरी भी काफी ज्यादा मात्रा में हो रही है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार जिला में 18,000 हेक्टेयर एरिया में करीब 27 से 28 हजार मैट्रिक टन फल उत्पादन होता है।बड़ी बात तो यह है कि जिला सिरमौर में एप्पल की भी पैदावार होती है जबकि एशिया का सबसे बेस्ट आड़ू राजगढ़ की पीच वैली में होता है। इसके अलावा पपीता और अनार के लिए भी सिरमौर की जलवायु और भूमि उपयुक्त मानी गई है। सिरमौर में अब कीवी के साथ-साथ सरकारी फार्म में ऑलिव की भी पैदावार हो रही है।आम और किन्नू उत्पादन में सिरमौर और अधिक बेहतर प्रदर्शन कर सकता था मगर दुर्भाग्यवश एक बहुत बड़ी उपजाऊ और कीमती जमीन का हिस्सा आईआईएम और आईआरबी को कंस्ट्रक्शन के लिए दिया गया था। जिसके चलते करीब 1000 मेट्रिक टन फल उत्पादन पर सीधे सीधे फर्क पड़ा है।बावजूद इसके जिला सिरमौर में हॉर्टिकल्चर विभाग किसानों को बागवानी से मालामाल करने के लिए लगातार प्रयासरत है। एचपी-ई उद्यान पोर्टल एक ऐसा जरिया भी बन कर आया है जिसके माध्यम से घर बैठे ही किसी भी फल उत्पादन के लिए अप्लाई किया जा सकता है। जिसमें 50 फीसदी का अनुदान सरकार के द्वारा दिया जाता है।क्षेत्र विस्तार के लिए यह योजना काफी महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसके अलावा जिला में एचपी शिवा प्रोजेक्ट के तहत भी कई किसानों ने फल उत्पादन में रोजगार की दृष्टि से अलग अलग किसम के बगीचे लगाए हैं। जिसमें पपीता को भी रोजगार का एक बड़ा जरिया बनाया गया है।इस प्रोजेक्ट के तहत संतरा अमरूद अनार परम जापानी फल आम पपीता नींबू आदि को भी शामिल किया गया है। बता दें कि पूरे प्रदेश में केवल जिला सिरमौर ही एकमात्र ऐसा जिला है जो लगभग 35 किस्मों के फलों की खेती करने में सक्षम है। जिला में विश्व बैंक से पोषित बागवानी विकास परियोजना, एकीकृत विकास के लिए एकीकृत बागवानी मिशन को भी प्रभावी ढंग से जिला में चलाया जा रहा है।इसके अलावा बागवानी मिशन और अधिक कारगर हो इसको लेकर तरह-तरह के प्रयोग भी विभाग के द्वारा किए जा रहे हैं। उधर, उपनिदेशक जिला सिरमौर हॉर्टिकल्चर विभाग सतीश शर्मा ने खबर की पुष्टि की है।

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