बिलासपुर (हिमाचल वार्ता न्यूज़ ) जिला में कौशल विकास भत्ता योजना के अंतर्गत उपमंडल अधिकारी एवं अध्यक्ष उपमंडल स्तरीय समिति कौशल विकास भत्ता एसडीएम अभिषेक गर्ग ने बिलासपुर शहर के दो निजी कम्प्यूटर संस्थानों का निरीक्षण किया। इस समिति के सदस्य बीडीओ कुलवंत सिंह, जिला रोजगार अधिकारी राजेश मेहता, प्रिंसीपल आईटीआई सुनील पटियाल, पूनम कुमारी भी उपस्थित रहे। जिला रोजगार अधिकारी राजेश मेहता ने बताया कि कौशल विकास भत्ता योजना के अंतर्गत शिवम इंस्टिट्यूशन फॉर वोकेशनल ट्रेनिंग सेंटर और श्री एजुकेशन ट्रेनिंग सेंटर कमेटी के सदस्यों द्वारा निरीक्षण किया गया। इस दौरान एसडीएम सदर ने दोनों संस्थानों के प्रशिक्षकों को उचित एवं सही प्रशिक्षण प्रशिक्षुओं को सरकार के नियम अनुसार प्रदान करने के निर्देश दिए ताकि प्रशिक्षुओं का भविष्य उज्ज्वल हो सके।एसडीएम सदर अभिषेक गर्ग ने बताया कि कौशल विकास भत्ता योजना प्रदेश सरकार द्वारा रोजगार विभाग के माध्यम से वर्ष 2013 से चलाई जा रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश के बेरोजगार युवाओं के कौशल का विकास करना है। ताकि उन्हें रोजगार के लिए दूसरे जिलों तथा राज्यों में न जाना पड़े। कौशल विकास से बेराजगार युवाओं को अपने जिला में ही घर के नजदीक रोजगार प्राप्त होगा। योजना के तहत प्रदेश सरकार द्वारा आवेदकों को सरकारी अथवा मान्यता प्राप्त निजी प्रशिक्षण संस्थानों से किसी भी प्रकार के कौशल प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए दिव्यांग आवेदकों को जिनकी दिव्यांगता 50 प्रतिशत स्थायी रूप से है, उन्हें 1500 रुपए प्रति माह तथा अन्य श्रेणी के आवेदकों को 1000 रुपए प्रति माह कौशल विकास भत्ते के रूप में प्रदान किए जाते हैं।
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Wednesday, June 3
