बिलासपुर ( हिमाचल वार्ता न्यूज़ ) राजकीय नर्सिंग स्कूल बिलासपुर की छात्रा की ओर से लगाए गए रैगिंग के आरोप निराधार पाए गए हैं। एंटी रैगिंग कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार यह विवाद छात्राओं में काम करने को लेकर निकला है। रिपोर्ट में बताया गया है कि छात्राओं को स्कूल में स्टाफ की कमी के कारण कई काम खुद करने पड़ते हैं। काम करने और कराने को लेकर छात्राओं में विवाद हुआ। उधर, मुख्य चिकित्सा अधिकारी की ओर से मामले की रिपोर्ट संलग्न कर एक बार फिर रिक्त पदों को भरने के लिए निदेशालय को पत्र भेजा जाएगा। दूसरी ओर पुलिस की जांच अभी जारी है। कमेटी की ओर से सीएमओ को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार नर्सिंग स्कूल की अन्य किसी छात्रा ने रैगिंग करने की बात नहीं की है। स्कूल में प्रधानाचार्य और मात्र दो शिक्षिकाएं हैं। शिक्षकों के चार पद और वार्डन का पद खाली है। गेट, कमरे, कार्यालय बंद करना, बाहर से सामान लाना आदि कार्य छात्राओं को करने पड़ते हैं। छात्राएं यह काम मिल बांटकर कर लेती हैं। ऐसे ही कामों को लेकर वरिष्ठ छात्राओं और रैगिंग का आरोप लगाने वाली छात्रा के बीच विवाद हो गया। एंटी रैगिंग कमेटी की रिपोर्ट में छात्रा की ओर से लगाए गए रैगिंग के आरोप निराधार निकले हैं। स्कूल में चल रहे रिक्त पदों को भरने के लिए एक बार फिर रिपोर्ट के साथ पत्र निदेशालय भेजा जाएगा। – डॉ.प्रवीण चौधरी, सीएमओ बिलासपुर।
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Wednesday, June 3
