Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • बेहतर शिक्षा के माध्यम से युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने के लिए प्रदेश सरकार निरंतर प्रयासरत – संजय अवस्थी
    • नाहन से सात बेसहारा गौवंश भेजे कोटला बड़ोग गौशाला गौवंश को बेसहारा छोड़ने वाले पशुपालको पर होगी सख्त कार्रवाई
    • मानसिक बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए 07 से 09 अक्तूबर तक चलाया जाएगा विशेष अभियान
    • जीवन को सफल बनाने के लिए कठिन परिश्रम व दृढ़ संकल्प अत्यंत आवश्यक – हर्षवर्द्धन चौहान
    • युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए समाज को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता – डॉ. शांडिल
    • वन्यजीव सप्ताह के अंतर्गत नेचर पार्क अंबवाला में कार्यक्रम आयोजित
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Saturday, October 3
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»शिमला»हिमाचल में पहली बार FDR तकनीक से बनेंगी सड़कें,
    शिमला

    हिमाचल में पहली बार FDR तकनीक से बनेंगी सड़कें,

    By Himachal VartaOctober 15, 2023
    Facebook WhatsApp
    शिमला( हिमाचल वार्ता न्यूज) हिमाचल प्रदेश में पहली बार सड़कों का निर्माण फुल डेप्थ रेक्लेमेशन (FDR) तकनीक पर किया जाएगा। यह जानकारी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शनिवार देर सायं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के साथ प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा पर आयोजित एक बैठक में दी। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत बनने वाली सड़कों में इस तकनीक का उपयोग करने के निर्देश लोक निर्माण विभाग को दिए और कहा कि शुरूआती चरण में विभिन्न जिलों में 666 किमी सड़कों का निर्माण इस तकनीक से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों को बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, बिहार व असम के बाद हिमाचल प्रदेश एफडीआर तकनीक का इस्तेमाल कर सड़क निर्माण करने वाला देश का चौथा राज्य बनने जा रहा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तकनीक से सड़कें ज्यादा टिकाऊ बनती हैं और वाहनों के लिए भी यह सड़कें बेहतर हैं। साथ ही इसकी लागत भी कम है और यह तकनीक पारिस्थिकी के अनुकूल (इको फ्रेंडली) भी है। इस तकनीक में सड़क की सतह से सामग्री का उपयोग कर इसमें सीमेंट और एडिटिव को मिलाकर एक मिश्रण तैयार किया जाता है, जिससे सड़कों का निर्माण किया जाता है। सीएम सुक्खू ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की सुविधा के लिए सड़क संपर्क को मजबूत करने पर विशेष ध्यान केन्द्रित कर रही है। आने वाले समय में करीब 2682 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया जाएगा, जिनमें से 666 किमी सड़कें एफडीआर तकनीक, 556 किमी सड़कें सीमेंट स्टेबलाइजेशन तथा 1460 किमी सड़कों का निर्माण परम्परागत तरीके से किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन पर लगभग 2683 करोड़ रुपए व्यय किए जाएंगे।
    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • बेहतर शिक्षा के माध्यम से युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने के लिए प्रदेश सरकार निरंतर प्रयासरत – संजय अवस्थी
    • नाहन से सात बेसहारा गौवंश भेजे कोटला बड़ोग गौशाला गौवंश को बेसहारा छोड़ने वाले पशुपालको पर होगी सख्त कार्रवाई
    • मानसिक बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए 07 से 09 अक्तूबर तक चलाया जाएगा विशेष अभियान
    • जीवन को सफल बनाने के लिए कठिन परिश्रम व दृढ़ संकल्प अत्यंत आवश्यक – हर्षवर्द्धन चौहान
    • युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए समाज को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता – डॉ. शांडिल
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.