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    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर»सिरमौर के ऊपरी क्षेत्रों में मौसम का प्रथम हिमपात होने से बागवानों के चेहरे खिले
    सिरमौर

    सिरमौर के ऊपरी क्षेत्रों में मौसम का प्रथम हिमपात होने से बागवानों के चेहरे खिले

    By Himachal VartaFebruary 1, 2024
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    नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज)( एसपी जैरथ):-  हिमाचल प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में समग्र रूप से आज इस मौसम की पहली बर्फबारी हुई। हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला के हरिपुरधार, नौहराधार और राजगढ़ आदि क्षेत्रों की ऊंची पहाड़ियों में लगभग 2 महीने के लगातार सुखे के पश्चात आज इस मौसम का पहला हिमपात हुआ। सर्वाधिक हिमपात सिरमौर जिला में लगभग 11000 फुट की ऊंचाई पर स्थित चूड़धार चोटी में 4 से 5 फुट तक दर्ज किया गया। चूड़धार की  चोटी पर इस मौसम का यह पांचवा हिमपात है।हिमाचल के समग्र क्षेत्र में हुए इस पहले हिमपात  से किसानों और बागवानों ने राहत की सांस ली है। सिरमौर जिला में इस वर्ष की सर्दियों के दौरान भारी सुखे के कारण किसानों की अधिकतर फसलें बर्बाद हो गई है और भयंकर सूखे के कारण बागवानी को भी भारी नुकसान हुआ है। आज समूचे क्षेत्र में बारिश और बर्फबारी से किसानों और बागवानों के चेहरे खिल उठे हैं।सिरमौर जिला के हरिपुरधार, नौहराधार और राजगढ़ क्षेत्रों में पर्यटन उद्योग को भी इस वर्ष की सर्दियों में बिना बारिश और बर्फबारी के कारण काफी नुकसान हुआ है क्योंकि हिम्मत के इंतजार में यहां इस मौसम में पर्यटकों की आवाजाही बहुत कम रही। मानव हिल रिजॉर्ट बड़यालटा हरिपुरधार के प्रबंध निदेशक मेला राम शर्मा ने बताया कि इस वर्ष देर से हिमपात होने के कारण यहां पर्यटकों की आवाजाही बहुत कम रही जिसके कारण पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को काफी नुकसान झेलना पड़ा। मेलाराम शर्मा ने बताया की बीते वर्षों के दौरान अब तक मानव हिल रिजॉर्ट परिसर में ही लगभग 3 फीट तक बर्फ पड़ चुकी होती थी परंतु इस साल दिसंबर और जनवरी मीना के दौरान बारिश की एक बूंद भी नहीं बरसी।उन्होंने बताया कि आज हुए हिमपात के कारण जहां किसानों और बागवानों को अच्छी फसल होने की उम्मीद जगी है वहीं बर्फबारी होने से पर्यटकों के आने की भी संभावनाएं बढ़ गई है। सिरमौर जिला के हरिपुरधार नौहराधार और राजगढ़ आदि क्षेत्रों में फरवरी माह के पहले दिन लगभग आधा फुट बर्फबारी हुई जबकि दिसंबर और जनवरी महीनों के दौरान पूरा क्षेत्र सूखे की चपेट में जूझता रहा। आज हुई बर्फबारी के कारण आने वाली गर्मियों में पानी की आपूर्ति की भी उम्मीद जगी है।
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