बिलासपुर ( हिमाचल वार्ता न्यूज़ ):- सीर उत्सव घुमारवीं के अवसर पर शंकर सेवा एवं लंगर समिति भराड़ी की ओर से सिविल अस्पताल घुमारवीं में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का विधिवत शुभारंभ नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने किया।
इस रक्तदान शिविर में कुल 37 लोगों ने रक्तदान किया, जिनके माध्यम से 40 यूनिट रक्त एकत्रित हुआ। शिविर में रक्तदान करने वाले सभी लोगों को समिति की ओर से स्मृति चिंह और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। शिविर में समिति के अध्यक्ष मनोहर लाल शर्मा ने 32वीं बार रक्तदान कर समाजसेवा और मानवीय संवेदनाओं का प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया।
इसके उपरान्त तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने सिविल अस्पताल में स्थापित ब्लड स्टोरेज यूनिट का भी उद्घाटन किया। उन्होंने बताया कि इस यूनिट में 20 यूनिट रक्त सुरक्षित रखने की क्षमता है, जिसे अधिकतम 28 दिनों तक अस्पताल में संरक्षित किया जा सकता है। इसके बाद रक्त को जिला अस्पताल बिलासपुर भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि ब्लड स्टोरेज यूनिट की सुविधा से स्थानीय लोगों को रक्त की आवश्यकता पड़ने पर त्वरित सहायता मिल सकेगी और उन्हें बाहर जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
इस अवसर पर राजेश धर्माणी ने रक्तदाताओं एवं समिति के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि रक्तदान महादान है और इससे अनगिनत जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। उन्होंने कहा कि सीर उत्सव जैसे आयोजनों के माध्यम से न केवल सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण होता है, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और मानवता के मूल्यों को भी नई ऊर्जा मिलती है।
131 क्षय रोगियों को वितरित की निक्षय पोषण किट, टीबी अब असाध्य रोग नहीं
इस बीच उन्होंने 131 क्षय (टी.बी.) रोगियों को निक्षय पोषण किट वितरित कीं। उन्होंने कहा कि टीबी से ग्रसित मरीजों को घबराने की आवश्यकता नहीं है तथा यह रोग पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि समय पर सही इलाज और दवाइयों का सेवन किया जाए तो मरीज पूर्ण रूप से स्वस्थ हो सकता है।
उन्होंने कहा कि लगभग सभी व्यक्तियों में टीबी के जीवाणु मौजूद रहते हैं, लेकिन जब प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) कमजोर हो जाती है तो यह सक्रिय होकर बीमारी का रूप ले लेते हैं। उन्होंने कहा कि पौष्टिक आहार, योग एवं नियमित व्यायाम अपनाने से टीबी के मरीज जल्दी स्वस्थ हो सकते हैं।
राजेश धर्माणी ने लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि सिविल अस्पताल घुमारवीं में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। यहां वर्तमान में छह विशेषज्ञ चिकित्सक सेवाएं दे रहे हैं। अस्पताल को अत्याधुनिक जांच सुविधाओं से भी सुसज्जित किया गया है, जिसमें लगभग 10 से 12 लाख रुपये की पूर्णतः स्वचालित मशीन स्थापित की गई है, जिसका लाभ मरीजों को मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि अस्पताल परिसर में पार्किंग सुविधा विकसित करने के लिए दो करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसके अंतर्गत पार्किंग स्थल के साथ कुछ दुकानें भी निर्मित की जाएंगी ताकि लोगों को अतिरिक्त सुविधाएं मिल सकें।
उन्होंने कहा कि अस्पताल में रोगी कल्याण समिति को और मजबूत किया जा रहा है, जिससे मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि पहले घुमारवीं में रक्त की आवश्यकता होने पर मरीजों को बिलासपुर जाना पड़ता था, लेकिन अब ब्लड स्टोरेज यूनिट की स्थापना से यह सुविधा स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो गई है।
जगदीश राणा ने सीएम राहत कोष में किया 11 हजार रूपये का अंशदान
इस अवसर पर मुझवानं के जगदीश सिंह राणा ने मुख्यमंत्री राहत कोष के लिए 11,000 रुपये की राशि तकनीकी शिक्षा मंत्री को भेंट की। उन्होंने इस योगदान की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सहयोग और संवेदनशीलता की भावना को और प्रबल करते हैं।
