मंडी ( हिमाचल वार्ता न्यूज़ ):- राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला संधोल में आयोजित खंड स्तरीय किशोरी मेला बेटियों के स्वास्थ्य, स्वाभिमान और जागरूकता का सशक्त मंच बनकर उभरा। बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत हुए इस कार्यक्रम की अध्यक्षता बाल विकास परियोजना अधिकारी धर्मपुर बालम राम ने की, जबकि विद्यालय के प्रधानाचार्य कुलदीप चंद डोगरा विशेष रूप से उपस्थित रहे।
मेले में स्वास्थ्य विभाग से डॉ. मोनिका ने किशोरियों को व्यक्तिगत स्वच्छता, मासिक धर्म स्वच्छता और इससे जुड़े सामाजिक मिथकों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छता का पालन केवल स्वास्थ्य संरक्षण ही नहीं, बल्कि समाज में व्याप्त रूढ़ियों को खत्म करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में विभाग की प्रमुख योजनाओं जैसे बेटी है अनमोल, बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ, इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना, मुख्यमंत्री शगुन योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना आदि की जानकारी छात्राओं व महिलाओं को दी गई।
इसी क्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों ने इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज शिमला के एक अध्ययन का उल्लेख करते हुए बताया कि प्रदेश में 83.4% किशोरियाँ मासिक धर्म के दौरान मंदिर नहीं जातीं, जबकि 53% किशोरियाँ इस अवधि में भोजन नहीं बनातीं, जो समाज में अब भी प्रचलित वर्जनाओं की ओर संकेत करते हैं।
इस दौरान लगभग 80 किशोरियों तथा 50 आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और शिक्षकों ने मेले में सक्रिय रूप से सहभागिता की। मेले के दौरान प्रतिभागियों ने चित्रकला, निबंध लेखन व नारा लेखन प्रतियोगिताओं में अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया तथा सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहन पुरस्कार वितरित किए गए।
प्रधानाचार्य कुलदीप चंद डोगरा ने अपने प्रेरक संबोधन में कहा कि किशोरियाँ व्यक्तिगत स्वच्छता, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता की दिशा में जागरूक हों तथा समाज में फैली कुरीतियों को समाप्त करने में अग्रणी भूमिका निभाएँ।
कार्यक्रम के समापन पर सभी पर्यवेक्षकों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने सर्कलों में मासिक धर्म स्वच्छता एवं जागरूकता कार्यक्रमों को प्रभावी रूप से लागू करें, ताकि सही जानकारी का व्यापक प्रसार हो सके और समाज में मौजूद मिथकों का निराकरण किया जा सके।
यह खंड स्तरीय मेला न केवल जानकारी का मंच बना, बल्कि बेटियों के आत्मविश्वास और सशक्तिकरण का सशक्त संदेश भी छोड़ गया।
