नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज) (एसपी जैरथ):-(( बदलते समय में शादियों और अन्य सामाजिक आयोजनों में बढ़ती दिखावे की प्रवृत्ति आम लोगों के लिए आर्थिक बोझ बनती जा रही है। कई परिवार इन आयोजनों के लिए कर्ज लेने या जमीन बेचने तक को मजबूर हो जाते हैं। इसी समस्या को देखते हुए सिरमौर जिले के गिरिपार क्षेत्र के टौरू गांव के लोगों ने बच्चे के जन्म, शादी, मृत्यु भोज जैसे आयोजनों में खर्च कम करने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। इन फैसलों में शादी में शराब परोसने पर प्रतिबंध, डीजे एक दिन ही बजाने समेत काम करने वालों के लिए बकरा नहीं काटना मुख्य हैं।
गिरिपार क्षेत्र के टौरू गांव के अतर सिंह तोमर, उदय राम तोमर, गंगा सिंह तोमर ने बताया कि ऐसे फैसले लेने का मुख्य उद्देश्य सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करना और अनावश्यक खर्च रोकना है। उन्होंने बताया कि गांव में होने वाली पलटोज पार्टी (शादी के बाद लड़की पक्ष की पार्टी) को सीमित किया जाएगा। अब सिर्फ अपने बेड़े (केवल अपना परिवार और साथ लगते घर) और गांव के प्रमुख लोगों को ही कार्यक्रम में बुलाया जाएगा। गांव में करीब 450 घर हैं, जिसमें अपने गांव से शादी कर गई लड़की उनके बच्चों को मिलाकर तकरीबन 1,000 लोग हो जाते थे। बाहर से मेहमान को अगर जोड़ दें तो संख्या 1,500 से अधिक हो जाती थी।