नाहन ( हिमाचल वार्ता न्यूज)’-गिरिपार के राजगढ़ क्षेत्र में इन दिनों लसुहन की खुदाई का कार्य युद्धस्तर पर किया जा रहा है । किसान अपने खेतों में कड़कती धूप के बावजूद भी लसुहन को खोदने व काटने में व्यस्त है । काफी किसानों ने लसुहन को भेजना भी आरंभ कर दिया है । सबसे अहम बात यह है कि बीते वर्ष की तुलना में किसानों को इस वर्ष लसुहन का रेट काफी अच्छा मिल रहा है । शुकं्रवार को सोलन व राजगढ़ सब्जी मंडी में लसुहन 60 रूपये से लेकर 150 रूपये प्रति किलोग्राम बिका ।
हालांकि लसुहन की फसल करीब 15 दिन पहले तैयार हो चुकी थी । लगातार बारिश व अंधड़ होने से लसुहन की खुदाई का कार्य बाधित हो रहा था । कृषि विभाग के अनुसार इस वर्ष असमय बारिश होने से करीब 20 प्रतिशत फसल खराब हुई है । प्रगतिशील किसान सुरजीत सिंह, रविकांत, बलबीर, जयसिंह सहित अनेक किसानोें ने बताया कि बारिश होने से खेतों में नमी होने से लसुहन का रंग भी काला पड़ गया और साईज भी अपेक्षा के अनुरूप नहीं बन पाया है । कई स्थानों पर लसुहन में रोग लगने से भी फसल काफी खराब हुई है ।
गौर रहे कि लसुहन उत्पादन में सिरमौर जिला प्रदेश में सबसे अग्रणी माना जाता है । सिरमौर के लसुहन की देश की सबसे बड़ी चैन्नई, कर्नाटक और महाराष्ट्र में सबसे बड़ी मांग है जहां से सिरमौर का लसुहन विदेशों के लिए निर्यात किया जाता है । कृषि विभाग के अनुसार सिरमौर के गिरिपार क्षेत्र में चार हजार हैक्टेयर से अधिक भूमि पर लसुहन का औसतन 70 हजार मिट्रिक टन उत्पादन किया जाता है। गिरिपार क्षेत्र में लसुहन की सबसे ज्यादा पार्वति किस्म उगाई जाती है हालांकि कुछ किसान कूल्लु जिला से भी लसुहन का बीज मंगवाते हैं । गिरिपार क्षेत्र में लसुहन की खेती सबसे अधिक आय का साधन बना।
