शिमला ( हिमाचल वार्ता न्यूज) 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने ध्वजारोहण किया और भव्य मार्चपास्ट की सलामी ली।
इस दौरान अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की अर्थव्यवस्था में ग्रामीण क्षेत्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश की बड़ी आबादी गांवों में निवास करती है और ग्रामीण जनसंख्या का एक बड़ा हिस्सा कृषि एवं बागवानी से सीधे जुड़ा हुआ है। ऐसे में सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। वर्तमान में गाय के दूध का मूल्य 61 रुपये प्रति लीटर तथा भैंस के दूध का लगभग 71 रुपये प्रति लीटर निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार कृषि उत्पादों के लिए समर्थन मूल्य की व्यवस्था शुरू की गई है। इसके तहत गेहूं 80 रुपये प्रति किलोग्राम, मक्की 50 रुपये प्रति किलोग्राम, कच्ची हल्दी 150 रुपये प्रति किलोग्राम तथा अदरक 30 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने कहा कि इससे किसानों तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
बागवानी क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हिमाचल निर्माता डॉ. यशवंत सिंह परमार का सपना हिमाचल प्रदेश को देश के ‘फ्रूट बाउल ऑफ इंडिया’ के रूप में विकसित करना था। इसी दिशा में सरकार आगे बढ़ रही है। यूनिवर्सल कार्टन लागू करने से विशेष रूप से लघु एवं सीमांत बागवानों को लाभ मिलेगा। मिड-हिल और बायोडा क्षेत्रों में बागवानी के विस्तार के लिए भी महत्वपूर्ण योजनाएं लागू की जा रही हैं। इसके साथ ही मत्स्य पालन क्षेत्र को बढ़ावा देकर मछुआरों की आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
