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    Home»हिमाचल प्रदेश»मुख्यमंत्री ने वैज्ञानिक तथा ओद्यौगिक अनुसंधान परिषद हिमायलन जैव प्रोद्यौगिकी संस्थान के 38वें स्थापना सप्ताह की अध्यक्षता की
    हिमाचल प्रदेश

    मुख्यमंत्री ने वैज्ञानिक तथा ओद्यौगिक अनुसंधान परिषद हिमायलन जैव प्रोद्यौगिकी संस्थान के 38वें स्थापना सप्ताह की अध्यक्षता की

    By Himachal VartaJuly 3, 2020
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    शिमला। मुख्यमंत्री ने प्रोटीन प्रसंस्करण केंद्र का शुभांरम्भ तथा टिशु कल्चर इकाई और बांस की हाई-टैक नर्सरी की आधारशिला रखी
    पालमपुर का हिमालयन जैव-संसाधन प्रोद्यौगिकी संस्थान प्रदेश के टांडा, चम्बा, हमीरपुर चिकित्सा महाविद्यालयों को कोविड-19 के परीक्षण के लिए सभी आवश्यक उपकरण और लाॅजिस्टिक सहयोग प्रदान करने के अलावा प्रदेश में किए जा रहे कोविड-19 के परीक्षण करवाने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह बात मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने आज यहां वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पालमपुर के वैज्ञानिक तथा ओद्यौगिक अनुसंधान परिषद हिमायलन जैव प्रोद्यौगिकी संस्थान के 38वें स्थापना सप्ताह के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थान ने उपभोक्ताओं के लिए अल्कोहल रहित हैंड सैनेटाइजर और हर्बल साबुन बनाने में भी सफलता प्राप्त की है। उन्होंने कहा कि संस्थान विभिन्न पौधों से निर्मित सुगन्धित तेलों के उत्पादन तैयार करके हिमाचल प्रदेश को देश का आरोमा राज्य बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है।
    जय राम ठाकुर ने कहा कि संस्थान द्वारा हींग और केसर की खेती के लिए किए गए प्रयास प्रशंसनीय हैं। प्रदेश सरकार द्वारा हींग की खेती को बढ़ावा देने के लिए 4.50 करोड़ रुपये तथा केसर की खेती को बढ़ावा देने के लिए 5 करोड़ रुपये लागत की परियोजनाएं आरंभ की गई हैं। प्रदेश सरकार इन परियोजनाओं को सफल बनाने के लिए संस्थान को हर संभव सहायता प्रदान करेगी। जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए बड़े स्तर पर प्रयास किए जा रहें हैं। केसर और हींग का उत्पादन प्रदेश के किसानों की आर्थिकी को सुदृढ़ बनाने में सफल प्रयास सिद्ध होगा।
    मुख्यमंत्री ने कहा कि औषधीय पौधों और जड़ी-बूटी का व्यावसायिक उत्पादन प्रदेश के किसानों की आर्थिकी सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इन उत्पादों को बाजार में बेहतर मूल्य मिलेगा और यह देश को आत्मनिर्भर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार संस्थान द्वारा किए जा रहे शोध कार्य को हर संभव सहायता प्रदान करेगी।
    जय राम ठाकुर ने इस अवसर पर संस्थान की पत्रिका बैम्बू रिर्सोसिज एैट  सीएसआईआर-आईएचबीटी और टी-जर्मप्लाजम एैट सीएसआईआर-आईएचबीटी का विमोचन किया।
    मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रोटीन प्रसंस्करण केंद्र का शुभांरम्भ तथा टिशु कल्चर इकाई व बांस की हाई-टैक नर्सरी की आधारशिला रखी।
    मुख्यमंत्री ने ट्राईकोमा का पौधरोपण भी किया।
    सीएसआईआर-आईएचबीटी के निदेशक डाॅ. संजय कुमार ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया और संस्थान की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि एससीआईमेगो इंटरेशनल द्वारा देश के 38 सीएसआईआर संस्थानों में से इस संस्थान को 9वां स्थान पर आंका गया है।
    प्रधान सचिव कृषि ओंकार शर्मा, विशेष सचिव कृषि राकेश कंवर और अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

     

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