नाहन। यशवंतनगर बैरियर पर आयुर्वेद विभाग की स्वास्थ्य टीमें कोरोना योद्धा बनकर दिन रात ड्यूटी पर डटी हैं। इन कर्मचारियों को न अपनी जान की परवाह है और न ही भूख व विश्राम की चिंता है। बता दें कि विभाग द्वारा गत एक माह के दौरान बाहर से आने वाले करीब छः हजार से अधिक लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग करके रिकार्ड कायम किया गया है। जिसकी पुष्टि यशवंतनगर बैरियर पर तैनात आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ. दीपिका कश्यप ने की है। उन्होंने बताया कि पहली मई के उपरांत करीब 13 सौ से अधिक लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई है। उन्होंने बताया कि आयुर्वेद विभाग राजगढ़ द्वारा 14 टीमें गठित की गई है और सभी टीमों द्वारा क्रमवार चौबिस घंटे ड्यूटी दी जा रही है। उन्होंने बताया कि बाहर से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है और रेड जोन ऊना, बददी, परवाणु इत्यादि से आने वाले लोगों को 14 दिन तक होम क्वांरटाईन पर रहने की सलाह भी
दी जा रही है। उन्होंने बताया कि एक टीम में दो सदस्य जिसमें एक डॉक्टर और एक फार्मासिस्ट शामिल है।
बता दें कि विभाग के कर्मचारियों के लिए बैरियर पर भोजन व विश्राम की कोई व्यवस्था नहीं है। सभी डॉक्टर व फार्मासिस्ट घर से खाना खाकर आते हैं और आठ घंटे की डियूटी देने के उपरांत घर पर जाकर ही चाय, भोजन करते हैं। सबसे अहम बात यह है कि डियूटी पर तैनात स्वास्थ्य टीमों के पास उपयुक्त मात्रा में पीपीई किट्स और एनआईटी-95 मास्क भी उपयुक्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है। यशवंतनगर के एक बुद्धिजीवी व्यक्ति रणबीर सिंह का कहना है कि लोगों द्वारा उदारता से सीएम कोरोना राहत कोष में अंशदान दिया जा रहा है और सरकार को चाहिए कि इस अंशदान से कोरोना योद्धाओं को पीपीई किट्स और उच्च क्वालिटी के मास्क दिए जाने चाहिए।
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Tuesday, September 29
