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    Home»हिमाचल प्रदेश»किसानों को मिलने चाहिए नगदी फसलों के उचित दाम, बिचोलिया कर रहे हैं मोटी कमाई
    हिमाचल प्रदेश

    किसानों को मिलने चाहिए नगदी फसलों के उचित दाम, बिचोलिया कर रहे हैं मोटी कमाई

    By Himachal VartaMay 18, 2020
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    नाहन। नाहन सिरमौर भाजपा के जिला सह मीडिया प्रभारी प्रताप सिंह रावत ने मीडिया को जारी बयान करते हुए कहा है कि केंद्र व राज्य सरकार को मिलकर किसानों के लिए कोई ठोस नीति बनानी चाहिए ताकि मेहनतकश किसानों को उनकी नगदी फसलों के अच्छे दाम मिल सके। रावत ने बताया कि दुर्गम क्षेत्र के किसान अपनी नगदी फसलों को उगाने में बहुत मेहनत करते हैं।लेकिन उनको उचित दाम नहीं मिलते हैं मेहनत किसान करते हैं पैसा बिचोलिया कमाते हैं। रावत ने बताया कि यदि केंद्र व राज्य सरकार किसानों की आय 2022 तक वास्तव में ही दोगुना करना चाहती है तो सरकार को इसके लिए किसानों के साथ मिलकर कोई रणनीति बनानी चाहिए।

    रावत ने उदाहरण के तौर पर कहा है पहाड़ी आलू किसान उगाता है किसानों को सिर्फ 15 रुपए प्रति किलो का दाम मिलता है उसी आलू को सब्जी विक्रेता दोगुने रेट पर बेचता है। इसलिए केंद्र व राज्य सरकार को इस लीकेज को रोकने के लिए ठोस नीति बनाने की आवश्यकता है ताकि किसानों को बिचोलिया के चुंगल से बचाया जा सके।

    रावत ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल मार्केटिंग बोर्ड के अध्यक्ष बलदेव सिंह भंडारी तथा जिला के तमाम भाजपा नेताओं से आग्रह किया है कि आप सभी लोग मिलकर इस मामले को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर तथा कृषि मंत्री डॉ रामलाल मारकंडे के समक्ष उठाएं ताकि किसानों को इसका स्थाई समाधान मिल सके।

    रावत ने मीडिया को जारी बयान करते हुए कहां है कि मैं स्वयं भी किसान के परिवार से संबंध रखता हूं इसलिए किसानों की दर्द को भली-भांति समझता हूं। इन दिनों किसान मेहनत करके लहसुन, मटर, फ्रांशविन इत्यादि भारी मात्रा में नगदी फसलें उगा रहे हैं लेकिन लॉकडाउन के चलते उन्हें उचित दाम नहीं मिल रहे हैं, जिससे किसान चिंतित है।

    रावत ने केंद्र व प्रदेश सरकार से भी आग्रह किया है कि सरकार इस बारे में शीघ्र ही कोई उचित कदम उठाएं ताकि किसानों को अपनी नगदी फसलों के अच्छे दाम मिल सके।

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