Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • शरीर व मन को स्वस्थ रखने के लिए योग आवश्यक – विनोद सुल्तानपुरी 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित
    • जल शक्ति मंडल राजगढ़ में अंशकालीन आधार पर भरें जाएंगे 10 पद, 04 जुलाई तक करें आवेदन
    • आयुष विभाग सिरमौर द्वारा जिला स्तरीय योग शिविर कार्यक्रम आयोजित किया गया
    • भारत की प्राचीन विरासत योग को जीवनशैली का हिस्सा बनाएं : डा बिंदल
    • 23 जून को होंगे जिला परिषद सिरमौर अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद के चुनाव : उपायुक्त
    • अरिहंत इंटरनेशनल विद्यालय, नाहन में योग दिवस की पूर्व संध्या पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Monday, June 22
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»राज्यपाल ने पर्यावरण संरक्षण पर दिया बल
    हिमाचल प्रदेश

    राज्यपाल ने पर्यावरण संरक्षण पर दिया बल

    By Himachal VartaJune 6, 2020
    Facebook WhatsApp

    शिमला। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने राजभवन में आज, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर वन विभाग के साथ आयोजित बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि यह दिन जागरूकता और पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है।

    उन्होंने कहा कि जिस वातावरण में हम रहते हैं, वह न केवल हमारे स्वास्थ्य के लिए बल्कि हमारे अस्तित्व के लिए भी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हमारे बच्चों और आने वाली पीढ़ियों के लिए हम सभी को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग महत्वपूर्ण मुद्दा है, इसलिए हमें पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना चाहिए क्योकि यह हमारी जरूरत है।

    श्री दत्तात्रेय ने अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए अधिक से अधिक पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए वन्य जीवन पर्यटन पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों के बारे में जानने में लोगों की रूचि है इसलिए हमें दूरदराज के क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि कोरोना ने हमें अपने पर्यावरण की रक्षा और पुरानी परंपरा को पुनर्जीवित करने का सबक दिया है।

    वन विभाग के पीसीसीएफ डाॅ. अजय कुमार ने राज्यपाल को प्रदेश के समृद्ध वन क्षेत्र की सुरक्षा के लिए वन विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयासों और प्रदूषण नियंत्रण के योगदान के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विभाग का मुख्य ध्यान इक्को सिस्टम को समृद्ध करने के अलावा राज्य के हरित आवरण को बढ़ाने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि विभाग ने वन क्षेत्र को हरित आवरण में बदलने पर ध्यान केंद्रित किया है जो अब तक 27.72 प्रतिशत है। उन्होंने कहा कि कुल वन क्षेत्र 37948 वर्ग कि.मी. है जो 66 प्रतिशत है और वन क्षेत्र 15,433 वर्ग कि.मी. है।

    पर्यावरण, विज्ञान और प्रौद्योगिकी निदेशक डी.सी. राणा ने पर्यावरण संरक्षण पर प्रस्तुति दी और चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विभाग ने स्मार्ट गांव विकसित करने की पहल की है, जो कार्बन तटस्थ और राज्य में हरित प्रौद्योगिकी को भी बढ़ावा देते हैं।

    राज्यपाल के सचिव राकेश कंवर, विज्ञान और पर्यावरण और वन के अन्य अधिकारी भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • शरीर व मन को स्वस्थ रखने के लिए योग आवश्यक – विनोद सुल्तानपुरी 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित
    • जल शक्ति मंडल राजगढ़ में अंशकालीन आधार पर भरें जाएंगे 10 पद, 04 जुलाई तक करें आवेदन
    • आयुष विभाग सिरमौर द्वारा जिला स्तरीय योग शिविर कार्यक्रम आयोजित किया गया
    • भारत की प्राचीन विरासत योग को जीवनशैली का हिस्सा बनाएं : डा बिंदल
    • 23 जून को होंगे जिला परिषद सिरमौर अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पद के चुनाव : उपायुक्त
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.