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    Home»हिमाचल प्रदेश»पशुपालन ग्रामीण जीवन का आधार -डा. बिन्दल
    हिमाचल प्रदेश

    पशुपालन ग्रामीण जीवन का आधार -डा. बिन्दल

    By Himachal VartaDecember 9, 2020
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    देसी नस्ल के पशुओं का पालन भी किसानों के लिए लाभकारी

    नाहन (हिमाचलवार्ता)। विधायक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष डा. राजीव बिन्दल ने कहा पशुधन ग्रामीण जीवन का आधार और ग्रामीण आर्थिकी की रीढ़ हैं इसलिए पशुधन के संरक्षण, विस्तार और इनके स्वास्थ्य के प्रति हमेशा सजग रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सिरमौर जिला का पशुपालन विभाग इस दिशा में बेहतरीन कार्य कर रहा है।
    डा. राजीव बिन्दल आज नाहन में वेटनरी चिकित्सकों और वेटनरी फार्मिसिस्टों से पशुओं से सम्बन्धित बीमारियों एवं उनकी रोकथाम के लिए किए जा रहे उपायों पर चर्चा कर रहे थे।
    डा. बिन्दल ने कहा कि हमें जहां दुग्ध उत्पादन में बढ़ौतरी के लिए नई नस्लों के पशुओं का पालन करना चाहिए वहीं देशी नस्ल की गउओं को प्रोत्साहित करना भी किसानों के लिए लाभकारी है। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन और पशुओं की विभिन्न बीमारियों के उपचार के लिए परम्परागत लंबे समय से चले आ रहे वनस्पति का उपयोग पशुचारे के लिए किया जाए तो अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा।
    उन्होंने बताया कि वर्तमान में करीब 2.88 लाख पशुधन की टैगिंग करने के साथ पशुओं के मुंह के रोगों की वैक्सीनेशन का कार्य भी पूरा किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि पशुओं के स्वास्थ्य के दृष्टिगत सभी पशुओं में एक साथ कृमिनाशक कार्यक्रम चलाया जाना चाहिए।
    इस अवसर पर उप निदेशक पशुपालन विभाग डा. नीरू शबनम व अन्य वैटनरी चिकित्सक व फामेस्टि भी उपस्थित रहे।

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