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    Home»स्वास्थ्य»कालाअम्ब में गर्भ में पलने वाले शिशु की हत्या की दवाईयां बेचने वाला गिरोह गिरफ्तार
    स्वास्थ्य

    कालाअम्ब में गर्भ में पलने वाले शिशु की हत्या की दवाईयां बेचने वाला गिरोह गिरफ्तार

    By Himachal VartaOctober 24, 2021
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    नाहन (हिमाचलवार्ता)। हिमाचल के काला अंब से एक केमिस्ट व हकीम मियां को गर्भपात के लिए एमटीपी किट बेचे जाने को लेकर गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी हरियाणा स्वास्थ्य विभाग व पुलिस टीम की संयुक्त कार्यवाही के बाद की गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार काला अंब के नजदीक महाकाली मंदिर के पीछे किराए के मकान में रहने वाले अशरफ पुत्र शरीफ अहमद उम्र 45 वर्ष स्थाई निवासी हबीब रोड अनाज मंडी सहारनपुर द्वारा अवैध रूप से हकीम खाना चलाया जा रहा था।

    हकीम मिया के नाम से चल रहे इस अवैध दवा खाने से गर्भ में पल रहे शिशु को मारने के लिए एमटीपी किट दी जाती थी। बता दें कि पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि वेद केमिस्ट हिमाचल प्रदेश का लायन मियां हकीम के साथ मिलकर गर्भ में शिशु हत्या की दवा बेचते थे। अवैध रूप से एमटीपी किट बेचे जाने को लेकर अंबाला मेडिकल विभाग को इसकी शिकायत मिली थी। जिसके बाद सिविल सर्जन पीएनडीटी बलविंदर कौर के नेतृत्व में तीन डॉक्टरों की टीम गठित की गई।

    जिसमें अतिरिक्त पर्वत चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर विजय वर्मा, चिकित्सा अधिकारी डॉ हितार्थ मारकंडे शामिल थे। टीम के द्वारा करीब 15 दिन पहले से ही इस बड़े खेल का भंडाफोड़ करने के लिए व्यू रचना रची गई थी। गठित टीम के द्वारा एक 18 से 20 हफ्ते की गर्भवती महिला को फर्जी ग्राहक बनाया गया। महिला को उसकी एक सहेली के साथ काला अंब के हकीम मियां के पास 14 अक्टूबर 2021 को गर्भपात की दवा लेने भेजा गया।

    यही नहीं छापामार टीम के द्वारा महिला को 850 रुपये एमटीपी किट के लिए भी दिए गए। महिला जब अपनी सहेली के साथ हकीम मियां के पास पहुंची तो मियां ने 23 अक्टूबर को गर्भपात की दवा ले जाने के लिए समय दे दिया। मेडिकल ऑफिसर बलविंदर कौर की टीम लगातार हकीम मिया पर नजर बनाए हुए थी। लिहाजा 23 अक्टूबर को दोपहर 2:00 बजे के आसपास टीम ने महिला को फिर से हकीम के पास भेजा। इस बार हकीम मियां पहले से ही ग्राहक के इंतजार में बैठा था।

    जैसे ही हकीम के द्वारा महिला को गर्भ में बच्चा गिराए जाने की दवा दी तो तुरंत ही मेडिकल टीम ने दवा सहित हकीम को पुलिस की मौजूदगी में धर दबोचा। हकीम से उन पैसों को भी बरामद कर लिया गया जो डॉक्टरों द्वारा महिला को दिए गए थे। हकीम से पूछताछ के बाद पता चला कि एमटीपी किट हिमाचल स्थित वेद ट्रेडर्स के नाम से एक केमिस्ट शॉप से ली जाती थी। जिसके बाद हरियाणा पुलिस व मेडिकल ऑफिसर बलविंदर कौर की टीम वेद केमिस्ट की शॉप पर पहुंचे।

    प्राप्त जानकारी के अनुसार दुकान पर काम करने वाला लड़का रवि मौजूद था जबकि दुकान मालिक जितेंद्र पुत्र अशोक पहले से ही फरार हो चुका था। मेडिकल टीम के द्वारा आवश्यक दस्तावेज मांगे गए जिसे रवि दिखा नहीं पाया। दुकान पर से मेडिकल टीम को गर्भपात की दवाएं बैच नंबर व दवा निर्माता के नाम सहित मिल गई।

    मामले की शिकायत मेडिकल ऑफिसर बलविंदर कौर थाना मे दी गई। जिसके बाद पुलिस के द्वारा मामला अंतर्गत धारा एमटीपी एक्ट 3,4,5 ड्रग एक्ट 18,27 तथा आई एम सी एक्स 15 (2)15(3) के साथ आईपीसी की धारा 420 120 बी के तहत दर्ज कर कार्यवाही अमल में लाई गई है।

    मामले की पुष्टि करते हुए मेडिकल ऑफिसर बलविंदर कौर ने बताया कि उन्हें जैसे ही अवैध रूप से गर्भपात की दवाएं बेचे जाने की जानकारी मिली उसके तुरंत बाद ही कार्यवाही को अंजाम दिया गया है।

    बरहाल, औद्योगिक क्षेत्र काला अंब में जिस प्रकार अवैध रूप से गर्भ में पलने वाले शिशु की हत्या की दवाएं बिक रही हैं उसको लेकर सिरमौर स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवालिया निशान लग गए हैं। जानकारी तो यह भी है कि काला अंब के कई ऐसे केमिस्ट शॉप भी हैं जहां पर नशे की दवाई भी अवैध रूप से बेची जाती हैं। सवाल तो यह भी उठता है कि इन नीम हकीम की वज़ह से और इन से ताल्लुक रखने वाले केमिस्ट से ना जाने कितने शिशु आज तक गर्भ में दम तोड़ चुके होंगे।

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