Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • पुलिसकर्मी के साथ हाथापाई करने वाला फरहान गिरफ्तार
    • माँ शूलिनी मेला परम्परागत रूप से किया जाएगा आयोजित – डॉ. शांडिल
    • स्थानीय निकाय और पंचायतीराज चुनाव जनमत संग्रह साबित हुए, जनता ने कांग्रेस सरकार को पूरी तरह नकारा : डॉ. राजीव बिंदल
    • ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण से सिरमौर की युवतियां हो रही आत्मनिर्भर
    • आदेश जारी
    • पर्यावरण-अनुकूल विकास: संकटों के बीच समृद्ध हिमाचल का नया ब्लूप्रिंट
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Friday, June 5
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर»संविधान के दायरे में रहकर बनाया जाए सामान्य वर्ग आयोग : वीरेंद्र कश्यप
    सिरमौर

    संविधान के दायरे में रहकर बनाया जाए सामान्य वर्ग आयोग : वीरेंद्र कश्यप

    By Himachal VartaMay 11, 2022
    Facebook WhatsApp
    नाहन 11 मई (हिमाचल वार्ता न्यूज) :- यदि हिमाचल प्रदेश सामान्य आयोग का गठन होता है तो अनुसूचित जाति आयोग को इस में कोई भी आपत्ति नहीं है। सामान्य आयोग का गठन होना चाहिए लेकिन संविधान के दायरे में रहकर। यह बात जिला मुख्यालय नाहन में आयोजित पत्रकार वार्ता में अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद वीरेंद्र कश्यप ने कही। वीरेंद्र कश्यप ने कहा कि किसी भी आयोग का गठन करना सरकार के अधिकार क्षेत्र में होता है और यह सरकार ने तय करना है कि प्रदेश में कितने आयोग बनाने हैं।
    मीडिया से बातचीत करते हुए अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष वीरेंद्र कश्यप ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में एट्रोसिटी एक्ट के मामले अन्य राज्यों की अपेक्षा नाम मात्र है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश शिक्षा और राज्य हैं और यहां पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के साथ अन्याय के कम मामले सामने आते हैं। यदि जिला सिरमौर की बात करते हैं तो जिला सिरमौर में पिछले 7 वर्षों में 122 कुल मामले दर्ज हुए हैं , जिनमें से केवल मात्र चार मामलों में ही दोष साबित हुए हैं।
    मीडिया से बात करते हुए वीरेंद्र कश्यप ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में सामान्य वर्ग आयोग को बनाने की मांग उठ रही है सरकार को चाहिए कि संविधान के दायरे में रहकर इस आयोग का गठन किया जाए। उन्होंने कहा कि हर समुदाय के लोगों को अपनी मांग रखने का हक है मगर यह सभी कानून के दायरे में रहकर होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि अन्य समुदाय के लोगो को अनुसूचित जाति के खिलाफ अनाप-शनाप बयानबाजी से बचना चाहिए।
     कश्यप ने यह भी कहा कि कुछ लोग अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने में लगे हैं और आपसी भाईचारा बिगाड़ने की कोशिश कर रहे। वीरेंद्र कश्यप ने कहा कि राज्य में अनुसूचित जाति आयोग का गठन हुआ है जिसका मकसद अनुसूचित जाति से जुड़े लोगों का सामाजिक, आर्थिक राजनीतिक रूप से उत्थान करना है।
    उन्होंने कहा कि समय-समय पर आयोग अलग-अलग जिला में बैठक आयोजित कर अनुसूचित जाति से जुड़े लोगों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की समीक्षा करता है और यह भी तय किया जाता है कि जो बजट केंद्र व राज्य सरकार दिया द्वारा इनके लिए दिया जा रहा है उसका किस तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है
    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • पुलिसकर्मी के साथ हाथापाई करने वाला फरहान गिरफ्तार
    • माँ शूलिनी मेला परम्परागत रूप से किया जाएगा आयोजित – डॉ. शांडिल
    • स्थानीय निकाय और पंचायतीराज चुनाव जनमत संग्रह साबित हुए, जनता ने कांग्रेस सरकार को पूरी तरह नकारा : डॉ. राजीव बिंदल
    • ब्यूटी पार्लर प्रशिक्षण से सिरमौर की युवतियां हो रही आत्मनिर्भर
    • आदेश जारी
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.