Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा 6 के लिए 31 जुलाई तक करें आवेदन
    • एम.सी. सदस्यों की भूमिका एवं जिम्मेदारी’ विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
    • चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान’ के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
    • शिवानी की अध्यक्षता में आयोजित हुई जिला परिषद की बैठक
    • वृक्षारोपण पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम – शरद कुमार लगवाल
    • सड़कें ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास की आधारभूत संरचना – संजय अवस्थी
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Thursday, July 23
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»शिमला»हिमाचल प्रदेश में अब राजस्व अधिकारी व्हाट्सएप, मेल और एसएमएस के माध्यम से समन की तामील कर सकेंगे।
    शिमला

    हिमाचल प्रदेश में अब राजस्व अधिकारी व्हाट्सएप, मेल और एसएमएस के माध्यम से समन की तामील कर सकेंगे।

    By Himachal VartaSeptember 23, 2023
    Facebook WhatsApp

    शिमला ( हिमाचलवार्ता न्यूज़ )    राज्य सरकार ने हिमाचल विधानसभा मानसून सत्र के पांचवें दिन भू-राजस्व संशोधन विधेयक पेश किया।हिमाचल प्रदेश में अब राजस्व अधिकारी व्हाट्सएप, मेल और एसएमएस के माध्यम से समन की तामील कर सकेंगे। राज्य सरकार ने हिमाचल विधानसभा मानसून सत्र के पांचवें दिन भू-राजस्व संशोधन विधेयक पेश किया। भू-राजस्व अधिनियम भूमि से संबंधित प्रशासन, हक और लोगों के अधिकारों को विनियमित करता है। गत कुछ दशकों के दौरान सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बहुत से परिवर्तन हुए हैं। इससे राजस्व व्यवस्था प्रणाली पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ा है। अधिनियम को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए और राजस्व मामलों के निपटान में देरी के कारण लोगों को पेश आ रही कठिनाइयों और समस्याओं का समाधान करने के लिए इस कानून में बदलाव करने का सदन में प्रस्ताव किया गया। इसमें कहा गया कि यह एक स्वीकृत तथ्य है कि राजस्व मामलों का अत्यधिक लंबित रहना न्याय प्रणाली की प्रतिष्ठा को धूमिल कर रहा है। माैजूदा अधिनियम के तहत राजस्व मामलों के निपटारे के लिए कोई समयसीमा निर्धारित नहीं की गई है।  मामलों के निर्णय में देरी की समस्या दूर करने के लिए राजस्व अधिकारियों की ओर से मामलों के निपटारे के लिए समयसीमा का प्रस्ताव किया गया है। विधेयक के तहत राजस्व अधिकारियों को चार महीनों में मामलों का निपटारा करने के लिए समयबद्ध करने का प्रस्ताव है। इसके अतिरिक्त भूमि की इंतकाल कार्यवाहियों की प्रक्रिया में शीघ्रता लाने के आशय से सार्वजनिक नोटिस की अवधारणा को स्थापित करने का प्रस्ताव किया गया है। राजस्व अधिकारियों के समक्ष अपील और अन्य मामलों में देरी माफी का प्रावधान करने का प्रस्ताव भी किया गया है।

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • जवाहर नवोदय विद्यालय में कक्षा 6 के लिए 31 जुलाई तक करें आवेदन
    • एम.सी. सदस्यों की भूमिका एवं जिम्मेदारी’ विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
    • चिट्टा मुक्त हिमाचल अभियान’ के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
    • शिवानी की अध्यक्षता में आयोजित हुई जिला परिषद की बैठक
    • वृक्षारोपण पारिस्थितिकी संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम – शरद कुमार लगवाल
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.