Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिला के 6 शिक्षकों को डीसी सिरमौर ने सम्मानित किया
    • बेहतर शिक्षा के माध्यम से युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने के लिए प्रदेश सरकार निरंतर प्रयासरत – संजय अवस्थी
    • नाहन से सात बेसहारा गौवंश भेजे कोटला बड़ोग गौशाला गौवंश को बेसहारा छोड़ने वाले पशुपालको पर होगी सख्त कार्रवाई
    • मानसिक बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए 07 से 09 अक्तूबर तक चलाया जाएगा विशेष अभियान
    • जीवन को सफल बनाने के लिए कठिन परिश्रम व दृढ़ संकल्प अत्यंत आवश्यक – हर्षवर्द्धन चौहान
    • युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए समाज को मिलकर प्रयास करने की आवश्यकता – डॉ. शांडिल
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Sunday, October 4
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»शिमला»हिमाचल प्रदेश में अब राजस्व अधिकारी व्हाट्सएप, मेल और एसएमएस के माध्यम से समन की तामील कर सकेंगे।
    शिमला

    हिमाचल प्रदेश में अब राजस्व अधिकारी व्हाट्सएप, मेल और एसएमएस के माध्यम से समन की तामील कर सकेंगे।

    By Himachal VartaSeptember 23, 2023
    Facebook WhatsApp

    शिमला ( हिमाचलवार्ता न्यूज़ )    राज्य सरकार ने हिमाचल विधानसभा मानसून सत्र के पांचवें दिन भू-राजस्व संशोधन विधेयक पेश किया।हिमाचल प्रदेश में अब राजस्व अधिकारी व्हाट्सएप, मेल और एसएमएस के माध्यम से समन की तामील कर सकेंगे। राज्य सरकार ने हिमाचल विधानसभा मानसून सत्र के पांचवें दिन भू-राजस्व संशोधन विधेयक पेश किया। भू-राजस्व अधिनियम भूमि से संबंधित प्रशासन, हक और लोगों के अधिकारों को विनियमित करता है। गत कुछ दशकों के दौरान सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में बहुत से परिवर्तन हुए हैं। इससे राजस्व व्यवस्था प्रणाली पर प्रत्यक्ष प्रभाव पड़ा है। अधिनियम को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए और राजस्व मामलों के निपटान में देरी के कारण लोगों को पेश आ रही कठिनाइयों और समस्याओं का समाधान करने के लिए इस कानून में बदलाव करने का सदन में प्रस्ताव किया गया। इसमें कहा गया कि यह एक स्वीकृत तथ्य है कि राजस्व मामलों का अत्यधिक लंबित रहना न्याय प्रणाली की प्रतिष्ठा को धूमिल कर रहा है। माैजूदा अधिनियम के तहत राजस्व मामलों के निपटारे के लिए कोई समयसीमा निर्धारित नहीं की गई है।  मामलों के निर्णय में देरी की समस्या दूर करने के लिए राजस्व अधिकारियों की ओर से मामलों के निपटारे के लिए समयसीमा का प्रस्ताव किया गया है। विधेयक के तहत राजस्व अधिकारियों को चार महीनों में मामलों का निपटारा करने के लिए समयबद्ध करने का प्रस्ताव है। इसके अतिरिक्त भूमि की इंतकाल कार्यवाहियों की प्रक्रिया में शीघ्रता लाने के आशय से सार्वजनिक नोटिस की अवधारणा को स्थापित करने का प्रस्ताव किया गया है। राजस्व अधिकारियों के समक्ष अपील और अन्य मामलों में देरी माफी का प्रावधान करने का प्रस्ताव भी किया गया है।

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • उत्कृष्ट कार्य करने वाले जिला के 6 शिक्षकों को डीसी सिरमौर ने सम्मानित किया
    • बेहतर शिक्षा के माध्यम से युवाओं का भविष्य सुरक्षित करने के लिए प्रदेश सरकार निरंतर प्रयासरत – संजय अवस्थी
    • नाहन से सात बेसहारा गौवंश भेजे कोटला बड़ोग गौशाला गौवंश को बेसहारा छोड़ने वाले पशुपालको पर होगी सख्त कार्रवाई
    • मानसिक बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए 07 से 09 अक्तूबर तक चलाया जाएगा विशेष अभियान
    • जीवन को सफल बनाने के लिए कठिन परिश्रम व दृढ़ संकल्प अत्यंत आवश्यक – हर्षवर्द्धन चौहान
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.