शिमला ( हिमाचल वार्ता न्यूज)कांग्रेस शासित नगर निगम और प्रदेश सरकार का साफ कहना है कि पिछली सरकार ने स्मार्ट सिटी का कार्य तो शुरू कर दिया है। लेकिन इन कार्यों को बिना किसी प्लान बनाए और गुणवत्ता के कार्य किया गया है। शहर में स्मार्ट सिटी के तहत जो भी कार्य हो रहे हैं, उसका बजट बढ़ता जा रहा है। इससे शिमला शहर को भी भारी नुकसान हो रहा है। कांग्रेस शासित विधायक का तो यहां तक कहना है कि शहर में नए कार्य शुरू करने में भी स्मार्ट सिटी के कार्य रुकावट बन गए हैं।वर्तमान सरकार और नगर निगम को पहले पिछली सरकार के अधूरे कार्य पूरे करने पड़ रहे हैं। इनको पूरा करने में जहां अतिरिक्त बजट लग रहा है, वहीं समय की भी बबार्दी हो रही है। विधायक हरीश जनारथा का कहना है कि पिछली सरकार को 2022 में ही यह कार्य पूरे कर लेने चाहिए थे, क्योंकि यह प्रोजेक्ट पिछली साल ही खत्म हो गया था। ऐसे में यह कार्य जानबूझ कर अपने चेहतों को फायदा देने के लिए बढ़ाए गए हैं। स्मार्ट सिटी के तहत शहर में अभी एक भी कार्य पूरा नहीं हो पाया है। जो कार्य थोड़े बहुत पूरे भी हुए हैं, उनमें भी कमियां सामने आ रही हैं।
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Saturday, October 3
