Close Menu
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Breakng
    • जल जीवन मिशन के तहत ज़िला जल एवं स्वच्छता मिशन के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक आयोजित
    • जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति की 28वीं बैठक आयोजित
    • प्रदेश सरकार हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध – संजय अवस्थी
    • ई.वी.एम. व वी.वी.पैट. के भण्डारण कक्ष का निरीक्षण
    • एसआइआर के विरोध में नाहन में कांग्रेस का प्रदर्शन, डीसी दफ्तर के बाहर फूंका पुतला
    • जूडो मार्शल आर्ट खेल नहीं अपितु एक अनुशासन – अनिरुद्ध सिंह
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Himachal Varta
    • होम पेज
    • हिमाचल प्रदेश
      • शिमला
      • सिरमौर
      • ऊना
      • चंबा
      • लाहौल स्पीति
      • बिलासपुर
      • मंडी
      • सोलन
      • कुल्लू
      • हमीरपुर
      • किन्नोर
      • कांगड़ा
    • खेल
    • स्वास्थ्य
    • चण्डीगढ़
    • क्राइम
    • दुर्घटनाएं
    • पंजाब
    • आस्था
    • देश
    • हरियाणा
    • राजनैतिक
    Tuesday, September 29
    Himachal Varta
    Home»हिमाचल प्रदेश»सिरमौर»सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों की काम्यूटेशन योजना समाप्त कर किया कुठाराघात : मेलाराम शर्मा
    सिरमौर

    सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों की काम्यूटेशन योजना समाप्त कर किया कुठाराघात : मेलाराम शर्मा

    By Himachal VartaApril 19, 2025
    Facebook WhatsApp

    नाहन  ( हिमाचल वार्ता न्यूज़):-  हिमाचल प्रदेश की सुक्खू सरकार ने प्रदेश के कर्मचारियों और पेंशनरों पर बार-बार कुठाराघात करके अपने आप को कर्मचारी विरोधी साबित कर दिया है। यह आरोप लगाते हुए सिरमौर जिला भाजपा प्रवक्ता एवं सिरमौर पेंशनर कल्याण संघ के मुख्य सलाहकार मेला राम शर्मा ने बताया की प्रदेश की सुक्खू सरकार ने सेवानिवृत होने वाले कर्मचारीयों की काॅम्यूटेशन योजना को समाप्त करके अपनी सारी जिंदगी सरकारी सेवा को समर्पित करने वाले कर्मचारियों पर गहरा आघात पहुंचाया है । उन्होंने कहा कि जो कर्मचारी ताउम्र निष्ठा भाव से सेवा करके इस उम्मीद से सेवानिवृत होते हैं कि उन्हें सेवानिवृत्ति के पश्चात काॅम्यूटेशन के तौर पर कुछ धनराशि एकमुश्त प्राप्त होगी, उनकी उम्मीदों पर इस सरकार ने पूरी तरह पानी फेर दिया है। मेलाराम शर्मा ने बताया क कंमूटेशन वैल्यू यद्यपि प्रत्येक सेवानिवृत कर्मचारी किस्तों में भुगतान करके अपने मृत्यु से पूर्व 10 या 15 वर्षों में पूरी अदायगी करता है परंतु उसके बावजूद भी इस सरकार ने यह तुगलकी फैसला करके सरकारी कर्मचारीयों को न केवल निराशा में धकेल दिया है बल्कि उनकी गाढ़ी कमाई पर डाका डाला है। जिला प्रवक्ता ने कहा की सुक्खू सरकार कर्मचारी और पेंशनरों के समर्थन से ही सत्ता में आई परंतु इस सरकार ने बार-बार कर्मचारीयों और पेंशनरों का भारी नुकसान करके उनके जीवन भर के सपनों पर पानी फेर दिया है । उन्होंने सुक्खू सरकार को आगाह किया कि यदि सेवानिवृत होने वाले कर्मचारीयों की काॅम्यूटेशन योजना को खत्म करने का फैसला वापस नहीं लिया तो इस सरकार को इसका भारी कामयाजा भुगतना पड़ेगा।

    Follow on Google News Follow on Facebook
    Share. Facebook Twitter Email WhatsApp
    Recent
    • जल जीवन मिशन के तहत ज़िला जल एवं स्वच्छता मिशन के सम्बन्ध में समीक्षा बैठक आयोजित
    • जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति की 28वीं बैठक आयोजित
    • प्रदेश सरकार हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध – संजय अवस्थी
    • ई.वी.एम. व वी.वी.पैट. के भण्डारण कक्ष का निरीक्षण
    • एसआइआर के विरोध में नाहन में कांग्रेस का प्रदर्शन, डीसी दफ्तर के बाहर फूंका पुतला
    Recent Comments
    • Sandeep Sharma on केन्द्र ने हिमालयी राज्यों को पुनः 90ः10 अनुपात में धन उपलब्ध करवाने की मांग को स्वीकार किया
    • Sajan Aggarwal on ददाहू मैं बिजली आपूर्ति में घोर अन्याय
    © 2026 Himachal Varta. Developed by DasKreative.

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.